पीएम के बारे में पोस्ट को लेकर मेटा इंडिया प्रमुख के खिलाफ एफआईआर
भारत सरकार ने मेटा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मुद्दे पर एफआईआर दर्ज की है। मेटा के वैश्विक अधिकारी भारत आकर सरकार के समक्ष स्पष्टीकरण देंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देने पर मेटा को नोटिस जारी किया।

मेटा से जुड़े मामले में केंद्र सरकार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री से जुड़े आपत्तिजनक और एआई-जनरेटेड वीडियो व पोस्ट प्रसारित होने देने के मामले में मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उधर, अगले सप्ताह मेटा के वैश्विक अधिकारी (टीम) भारत आएंगे, जो सरकार और संसदीय समिति के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी। मेटा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 जुलाई के वीडियो को स्वचालित नीति की त्रुटि के चलते कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था। इस पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेटा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर मेटा की तरफ से कहा गया कि यह तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ, जिसे कुछ समय के बाद सुधार लिया गया।
इसके बाद भी, सरकार ने मेटा के वैश्विक अधिकारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।सूत्रों का कहना है कि मेटा के वैश्विक टीम से पूछा जाएगा कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर एल्गोरिदम किस तरह से काम करता है। खासकर सरकार विरोधी व कानूनों उल्लंघन से जुड़े वीडियो और पोस्ट को रोकने के मामले में। मेटा का सिस्टम किसी खास कंटेंट या अकाउंट के साथ भेदभाव करता है। रील्स, फीड और सिफारिश प्रणाली किस आधार पर तय होती हैं। इसी तरह से देश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सोशल मीडिया के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है? इन सभी सवालों के जवाब मेटा की टीम को देने होंगे। इस बीच टीम संसदीय टीम के समक्ष भी पेश होगी। ध्यान रहे कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को इंस्टाग्राम ने बढ़ाने का काम किया था। इसलिए सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि इस तरह की स्थिति में कानून-व्यवस्था का पालन किस तरह से हो और मेटा उस दिशा में क्या कदम उठा रहा है।


