आठ दिन में सरकारी चीनी के दाम 1200 रुपये कुंतल तक घटे
गोरखपुर में सरकारी चीनी मिलों ने 1000 से 1200 रुपये प्रति कुंतल की कमी की है। पिपराइच और मुंडेरवा की नई चीनी का भाव 6200 से घटकर 5000 रुपये हो गया है। यह कदम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए है और उम्मीद है कि इसका असर खुले बाजार में भी पड़ेगा।

गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकारी चीनी मिलों ने राहत भरा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की 22 अगस्त और 31 अगस्त की रेट लिस्ट की तुलना में आठ दिन में चीनी के दाम 1000 से 1200 रुपये प्रति कुंतल तक घट गए हैं। पिपराइच और मुंडेरवा की सल्फरलेस एम-30 नई चीनी का भाव 6200 रुपये से घटाकर 5000 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। वहीं, मोहिउद्दीनपुर मिल की चीनी का भाव 6000 से घट कर 5000 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। इन दरों पर जीएसटी अलग से देय है। 22 अगस्त को जारी रेट लिस्ट में मोहिउद्दीनपुर मेरठ की एम-30 नई चीनी का भाव 6000 रुपये, जबकि पिपराइच गोरखपुर और मुंडेरवा बस्ती की एम-30 नई चीनी का भाव 6200 रुपये प्रति क्विंटल था।
इन दोनों मिलों की चीनी सल्फरलेस है। 31 अगस्त को जारी नई रेट लिस्ट में तीनों मिलों की चीनी का भाव एक समान 5000 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया।चीनी कारोबारियों का कहना है कि सरकारी मिलों की बिक्री दर में कमी का असर खुले बाजार पर भी पड़ सकता है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने इसे उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकारी चीनी के दाम घटने से निजी मिलों पर भी कीमतें कम करने का दबाव बनेगा। गोरखपुर के फुटकर बाजार में चीनी की कीमतें हाल में 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थीं। ऐसे में सरकारी मिलों की दर में हुई यह बड़ी कमी उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद जगा रही है।


