किसानों को दिलाएं आवश्यक प्रशिक्षण : संयुक्त सचिव
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ने किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में कृषि ऋण की उपलब्धता और किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने पर चर्चा हुई।

चाईबासा, संवाददाता। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ए मुथुकुमार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच आवश्यक प्रशिक्षण एवं जागरूकता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा है कि मृदा की आवश्यकता के अनुरूप पोषक तत्वों का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता को बनाए रखने के साथ-साथ कृषि उत्पादकता में भी सुधार लाया जा सकता है। वे अध्यक्षता में शनिवार को जिला समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक का परिचय
बैठक में जिले में योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान संयुक्त सचिव द्वारा कृषकों से योजना के क्रियान्वयन के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली गई। साथ ही, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार की ओर से अपेक्षित अतिरिक्त सहयोग एवं आवश्यकताओं के संबंध में भी कृषकों से सुझाव प्राप्त किए गए। इस दौरान विभिन्न कृषकों ने अपनी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। बैठक में कृषि ऋण की उपलब्धता एवं किसानों तक संस्थागत ऋण की पहुंच को लेकर भी चर्चा की गई। स्वयं सहायता समूह, क्लस्टर लेवल फेडरेशन एवं किसानों को ऋण सुविधा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य बैंकिंग ऋण सुविधाएं सरल एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराने तथा बैंक, पैक्स,एसएचजी, एफपीओ एवं संबंधित विभागों के समन्वय से अधिक से अधिक पात्र किसानों को संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा
बैठक में पशुपालन विभाग की भी समीक्षा की गई। इस क्रम में जिले में किए गए पशुधन वितरण की प्रगति एवं लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।
बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले में संचालित लाइवलीहुड गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि विभिन्न वर्गों की महिलाओं, पुरुषों, महिला समूहों एवं जेल के बंदियों को आर-सेटी के माध्यम से विभिन्न रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
कृषि विविधीकरण को बढ़ावा
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आने वाले समय में शरीफा, स्ट्रॉबेरी, कटहल, मशरूम, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो एवं शहद के उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली कृषि एवं बागवानी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कृषि के क्षेत्र में बेहतर एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले कृषकों को सम्मानित किया गया।


