शत-प्रतिशत डिजिटल खरीद करें: सरकारी धन की बचत के साथ आएगी पारदर्शिता
-महानंदा सभागार में जेम पोर्टल पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन पूर्णिया, वरीय संवाददाता। सभी सरकारी कार्यालयों में वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद अनिव

पूर्णिया, वरीय संवाददाता। सभी सरकारी कार्यालयों में वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल के माध्यम से ही की जाए। इससे सरकारी धन की बचत के साथ पारदर्शिता आएगी। यह कहना है जिलाधिकारी अंशुल कुमार का।
कार्यशाला का आयोजन
डीएम की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' के उपयोग को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों (डीडीओज) एवं खरीद प्रक्रिया से जुड़े वरीय अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना,सभी विक्रेताओं को समान अवसर उपलब्ध कराना और वित्तीय नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त राजीव कुमार, सहायक समाहर्ता कुमुद मिश्रा,अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राजकुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (आपदा) सुजय कुमार, वरीय कोषागार पदाधिकारी देवेन्द्र कुमार, सहायक कोषागार पदाधिकारीगण डॉ. संतोष कुमार, सुनील कुमार संत, मो. अबसार, सहायक जिला लेखा पदाधिकारी मो. मुनव्वर सहित जिले के सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं डीडीओज उपस्थित थे। कार्यशाला के दौरान वित्त विभाग (पटना) से आए जेम के उपनिदेशक आशुतोष कुमार एवं शिवांक ने डीडीओज को पोर्टल के संचालन और तकनीकी बारीकियों की बिंदुवार गहन जानकारी दी। सत्र के अंत में अधिकारियों की शंकाओं के समाधान हेतु प्रश्नोत्तर और असेसमेंट सत्र का भी आयोजन किया गया.
उपयोगकर्ता पंजीकरण
-उपयोगकर्ता पंजीकरण:- निजी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की तर्ज पर जेम पोर्टल पर कार्यालय प्रधान सबसे पहले 'प्राइमरी यूजर' बनाएंगे। इसके बाद 'सेकेंडरी यूजर' के रूप में बायर और कंसाइनी का पंजीकरण होगा।
क्रय की तय सीमाएं
-क्रय की तय सीमाएं:- 50,000 तक की खरीद: डायरेक्ट मेथड,₹50,000 से ₹10 लाख तक: L1 मेथड,₹10 लाख से अधिक: बिड एवं रिवर्स ऑक्शन मेथड।
निष्पक्ष निविदा शर्तें
-निष्पक्ष निविदा शर्तें:-- टेंडर की शर्तें इस प्रकार न तय की जाएं जिससे किसी विशेष विक्रेता को अनुचित लाभ मिले। वित्तीय मामलों में पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया।


