विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान को हर माह लगेगा शिविर
सरकार ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक नई पहल शुरू की है। सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य समस्याओं का समाधान और शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त करना है।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत 25 अगस्त 2026 से होगी। चतुर्थ मंगलवार को अवकाश रहने की स्थिति में अगले कार्य दिवस पर शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर का उद्देश्य
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं का निर्धारित समय में समाधान करने के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनसे महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त करना है। इसके लिए 17 अगस्त को सोमवार को पोर्टल के लोकार्पण का प्रस्ताव था। संबंधित संस्थानों के छात्र ही पोर्टल पर पंजीकरण कर शिकायत और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया
कई तरह की शिकायतें करा सकेंगे दर्ज संबंधित पोर्टल पर विद्यार्थी समय पर कक्षा संचालित नहीं होने, शिक्षक या प्राध्यापक के कक्षा में नहीं पहुंचने अथवा अनुपस्थित रहने, परीक्षा समय पर नहीं होने, परीक्षाफल के प्रकाशन में देरी, अनधिकृत फीस या शुल्क वसूली जैसी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा कक्षाओं में बिजली, बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग तथा विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की शिकायत भी की जा सकेंगी। शिविर जिले के अंगीभूत कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय तथा विभिन्न कल्याण विभागों के छात्रावासों सहित सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होगा। छात्रावासों एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नेत्रहीन और मूक-बधिर विद्यालय भी इसके दायरे में होंगे।
कियोस्क की व्यवस्था
शिविर स्थल पर बनेगा कियोस्क शिविर के दिन संस्थान में कियोस्क स्थापित किया जाएगा, जहां कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। संबंधित विभाग की ओर से एक स्थानीय पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। बड़े हॉल में शिविर आयोजित कर बैनर-पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी जाएगी। शिविर और पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का अंतिम निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों में किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पर एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर के पदाधिकारी अधिकृत किए गए हैं। विद्यार्थियों के सुझावों को संबंधित विभाग समेकित करेगा। लागू किए जा सकने वाले सुझावों पर विभाग स्तर से कार्रवाई होगी, जबकि अन्य सुझावों पर उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति निर्णय लेगी।
प्रशिक्षण प्रक्रिया
21 अगस्त को जिला स्तर पर प्रशिक्षण पोर्टल से जुड़े जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का प्रशिक्षण 21 अगस्त को जिला पदाधिकारी की ओर से कराया जाएगा। इससे पहले 20 अगस्त को एनआईसी द्वारा जिला स्तरीय पदाधिकारियों और आईटी प्रबंधकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये पदाधिकारी जिले में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। शिविर में प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी भी तैनात रहेंगे। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शिविरों का निरीक्षण करेंगे। निषपादित शिकायत से असंतुष्ट विद्यार्थी मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में अपनी शिकायत की सुनवाई करा सकेंगे। (नवादा से शशि भूषण पाठक)


