101 करोड़ भूमि घोटाले में आरोपियों पर शिकंजा, गिरफ्तारी से बचने को पहुंचे कोर्ट
संभल-मुरादाबाद हाईवे पर तश्तपुर गुसाईं में 101 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में आरोपियों पर शिकंजा कस गया है। सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं। पुलिस उन सभी की खोज कर रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

संभल-मुरादाबाद हाईवे स्थित तश्तपुर गुसाईं में करीब 101 करोड़ रुपये मूल्य की 38 बीघा सरकारी भूमि घोटाले के मामले में नामजद आरोपियों पर शिकंजा पूरी तरह कस गया है। शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त व संभल नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) राजकुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों में हड़कंप मच गया है। सभी आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अर्जी डाल दी है, हालांकि पुलिस व प्रशासनिक टीम निरंतर कार्रवाई कर रही है। पुलिस सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस दे चुकी है, लेकिन सभी आरोपी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण में भी पहुंच गए हैं।
हालांकि पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह सरकारी भूमि पर बनाए गए बोन मिल, धर्मकांटा, गैराज समेत सभी भवनों को सील कर चुके हैं। आरोपी कार्रवाई से बचने के प्रयास में जुटे हैं, वहीं पुलिस प्रशासन सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर गैंगस्टर के अंतर्गत कार्रवाई करने की तैयारी में जुटा हुआ है। सीओ कुलदीप कुमार का कहना है कि सभी आरोपी फरार हैं और कोर्ट चले गए हैं।


