संसाधन बढ़े तो ओपीडी और भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी
श्रावस्ती में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में सुधार के परिणामस्वरूप मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। एक रुपये की पर्ची पर परामर्श और दवाओं ने लोगों का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ाया है। गरीब और मध्यवर्गीय परिवार अब निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

श्रावस्ती। स्वास्थ्य सेवा को लेकर सरकार के प्रयास अब धरातल पर दिखने लगे हैं। बेहतर संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं का ही परिणाम है कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी ही नहीं, बल्कि भर्ती मरीजों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। एक रुपए की पर्ची पर मिलने वाले परामर्श और दवाओं ने आम आदमी के मन में सरकारी तंत्र के प्रति भरोसा जगाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इकौना में मरीजों की भारी भीड़ दर्शाता है कि अब लोग निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के बजाय सरकारी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। केवल परामर्श ही नहीं बल्कि अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों का ग्राफ भी बीते दिनों में तेजी से बढ़ रहा है।पहले
गंभीर बीमारी होने पर गरीब परिवारों को उपचार के लिए अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ती थी या साहूकारों से कर्ज लेकर बाहर बड़े शहर में इलाज कराने जाना पड़ता था। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जैसे अस्पतालों में चिकित्सकों की मौजूदगी से गंभीर रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर सुलभ हो गया है। सरकार के इन प्रयासों का सीधा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के उन लोगों को मिल रहा है।


