सरकर के रडार पर 61 प्राजेक्ट, 50 कंपनियां नपीं
केंद्र सरकार ने देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण 50 से अधिक कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की है। इन कंपनियों पर 161.42 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है और कुछ को ब्लैकलिस्ट किया गया है। गंभीर खामियों वाले 61 सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें कई ठेकेदारों को निलंबित किया गया है।

नई दिल्ली, अरविंद सिंह। देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और सड़क सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्र सरकार ने 50 से अधिक निर्माण कंपनियों व कंसल्टेंटों पर सख्त कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने वाली इन कंपनियों पर 161.42 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। केंद्र सरकार ने कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है, जबकि निर्माण पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने वाले शीर्ष अधिकारियों पर निलंबन व बर्खास्तगी की गाज गिरी है। इसके साथ ही राजमार्ग परियोजनाओं की खामियों को कंपनी को अपने खर्च से ठीक करने के निर्देश दिया है। सरकार ने बुधवार को संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विस्तार से सभी 61 सड़क परियोजनाओं का ब्यौरा किया। इस रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में देश की 61 प्रमुख सड़क व पुल परियोजनाओं में गंभीर खामियां पाई गईं। इस मामले में 50 से अधिक निर्माण एजेंसियों, कंसल्टेंट्स और इंजीनियरों के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई की गई हैं। इसमें मध्य प्रदेश के भोपाल-बियोरा मार्ग (एनएच-46) पर समय से पहले सड़क खराब होने पर ठेकेदार पर देश का सबसे बड़ा 119 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिहार में कोसी ब्रिज हादसे के बाद ठेकेदार कंपनी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर और लॉन्चिंग इंजीनियर सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया। केरल और राजस्थान में लापरवाही बरतने वाले अथॉरिटी इंजीनियर टीम के ब्रिज इंजीनियर, टीम लीडर सहित 4 अधिकारियों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। तीन वरिष्ठ इंजीनियरों को व्यक्तिगत रूप से 2 वर्ष तक के लिए एनएचएआई के प्रोजेक्ट्स से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
जौनपुर में गोमती पुल का अनुबंध रद्द
सरकार ने रिपोर्ट में कहा है कि क्षति वाले सभी 61 प्रोजेक्ट्स में सुधार और पुनर्निर्माण का कार्य संबंधित ठेकेदार अपनी लागत पर करा रहा गंभीर अनियमितता वाले 2 प्रोजेक्ट, राजस्थान (नागौर आरओबी) और उत्तर प्रदेश (जौनपुर में गोमती पुल) का अनुबंध पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
ठेकेदारों पर मेंटेनेंस में देरी के लिए जुर्माना
केंद्र सरकार ने दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के अलग अलग पैकेजों के ठेकेदारों पर मेंटेनेंस में देरी के लिए कंपनियों पर 1.06 करोड़, 88.32 लाख और 50 लाख का जुर्माना लगया है। झारखंड के महुलिया-बहरागोड़ा सेक्शन पर 1.55 करोड़ का जुर्माना लगाया है। दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गो के सेक्शन पर मोटा जुर्माना लगाया गया है।


