मत्स्य उत्पादन के विस्तार को एक्चाकल्चर इंफ्रास्क्चर कॉरपोरेशन से मिलेगा विस्तार
मत्स्य उत्पादन के विस्तार को एक्चाकल्चर इंफ्रास्क्चर कॉरपोरेशन से मिलेगा विस्तार मत्स्य उत्पादन के विस्तार को एक्चाकल्चर इंफ्रास्क्चर कॉरपोरेशन से मिल

कटिहार, निज प्रतिनिधि मत्स्य पालन व उत्पादन के क्षेत्र विस्तार को लेकर सरकार ने एक्वाकल्चर इंफ्रास्क्चर कॉरपोरेशन एंड डेवलेपमेंट लिमिटेड योजना को स्वीकृति दी है। इसके तहत मछली उत्पादन व जीरा के लिए हैचरी निर्माण, फिश फार्म, कोल्ड चेन, आइस प्लांट, प्रोसेसिंग यूनिट जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मछली उत्पादन के लिए निवेश के साथ रोजगार की संभावना को बढ़ावा मिलेगा। बताते चलें कि कुछ वर्ष डंडखोरा प्रखंड के सौरिया में हैचरी का निर्माण कराया गया था। पानी में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण कुछ दिनों बाद ही हैचरी बंह हो गया। मत्स्य विभाग द्वारा हैचरी को लेकर इच्छुक मत्स्यपालकों से आवेदन भी आमंत्रित किया जाता है लेकिन हैचरी स्थापना को लेकर आयरन की अधिकता और पानी की गुणवत्ता हैचरी के अनुकूल नहीं होने के कारण मत्स्यपालक व इच्छुक लोग इसके प्रति उदासीन हैं।
योजना के तहत सुधार
एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के तहत पीपीपी मोड पर बनने वाली कंपनी के माध्यम से मत्स्यपालाकों को आयरन व अन्य दूषित तत्वों के निवारण को लेकर आवश्यक संसाधन व तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी। लंबे समय तक मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन व आइस प्लांट की सुविधा भी दी जाएगी। मछलियों के प्रोसेसिंग व इससे संबंधित अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने को लेकर प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाया जाएगा। मत्स्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीएआइडीसीएल कंपनी एक्ट के तहत काम करेगी। इच्छुक लोगों को उद्योग विभाग या सरकार द्वारा निर्देशित विभाग में आवेदन करना होगा। जिले में नए पोखर का निर्माण तथा मत्स्य विभाग से संबंधित योजना के कारण मछलियों का उत्पादन बढ़ा है। इस योजना पर काम शुरू होने से जिले में मत्स्य पालन व उत्पादन का विस्तार भी बढ़ेगा।आगे की प्रक्रिया
मत्स्य उत्पादन व इसके क्षेत्र विस्तार को लेकर सरकार ने एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड योजना को मंजूरी दी है। पीपीपी मोड पर सभी जिलों में इसकी स्थापना की जाएगी। मत्स्य पालन व उत्पादन को लेकर इसके तहत आधाभूत संरचना उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यालय स्तर से निर्देश के बाद जल्द ही इसको लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।सनत कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कटिहार


