DA Image
18 सितम्बर, 2020|8:37|IST

अगली स्टोरी

कश्मीर में राजनेताओं की मुलाकात से सरकार डरती है: उमर अब्दुल्ला

former jammu and kashmir chief minister and national conference vice president omar abdullah has thr

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने के एक वर्ष पूरा होने के मौके पर नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) की ओर से आहूत सर्वदलीय बैठक न होने देने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एक साल बाद भी अधिकारी उन्हें किसी भी सामान्य राजनीतिक गतिविधि को करने की अनुमति देने से बहुत डरते हैं।

एनसी के उपाध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि यह डर कश्मीर में जमीनी हकीकत की सही स्थिति को बयां करता है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपने नेताओं को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने को लेकर जश्न मनाने और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को प्रतिबंधित करने की अनुमति देकर अपने पाखंड को प्रदर्शित करने का आरोप लगाया।  

अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा ने पांच अगस्त के मौके पर 15 दिन का जश्न मनाने की घोषणा की और मुट्ठी भर लोगों को मेरे पिता के लॉन में मिलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि एक साल बाद भी अधिकारी हमें किसी भी सामान्य राजनीतिक गतिविधि करने के लिए मिलने की अनुमति देने से डरते हैं। यह डर कश्मीर में जमीनी हकीकत को लेकर सही स्थिति के बारे में बयां करता है।

अब्दुल्ला ने अपने पिता के निवास स्थान गुपकार रोड की तस्वीरों को पोस्ट करते हुए कहा कि एक साल बाद, यह आज गुपकार सड़क है-हमारे दरवाजे के सामने पुलिस वाहन खड़े हैं, नियमित अंतराल पर सड़क पर घुमावदार कंटीले तार बिछाये गये हैं और किसी भी वाहन को आने की अनुमति नहीं है। मेरे पिता (पूर्व मुख्यमंत्री एवं एनसी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला) ने मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श करने के लिए मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी। 

श्रीनगर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के एक साल पूरा होने के मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न मनाने संबंधी एक तस्वीर एवं ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एनसी नेता ने कहा कि अपने पाखंड का प्रदर्शन करती भाजपा। वे इकट्ठा होकर जश्न मना सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में क्या हो रहा है, इस पर चर्चा करने के लिए हम मुलाकात तक नहीं कर सकते हैं।

गत वर्ष पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 एवं 35 ए के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त किये जाने तथा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के एक वर्ष पूरा होने के मौके पर एनसी ने यहां ग्रीष्मकालीन राजधानी में सर्वदलीय बैठक आहूत की थी जिसे बुधवार को पुलिस ने विफल कर दिया। 

फारूक अब्दुल्ला के निवास स्थान श्रीनगर के गुपकार रोड की ओर जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया गया, जहां सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इसी बात को लेकर उमर ने अपने गुस्से का इजहार किया है। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:government afraid of meeting politicians in kashmir: omar abdullah