पहले ही प्रयास में सीडीएस पास कर सेना में लेफ्टिनेंट बने गोवर्धन
गोवर्धन कुमार, भोजपुर के तरारी प्रखंड के चंदा गांव के निवासी, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर बने हैं। उन्होंने आईएमए से पासिंग आउट परेड के बाद नियुक्ति प्राप्त की। गोवर्धन ने पहले प्रयास में सीडीएस परीक्षा में सफलता हासिल की थी, जिससे परिवार और गांव में खुशी की लहर है।

तरारी प्रखंड के चंदा गांव के निवासी हैं गोवर्धन, वर्तमान में आरा के जगदेव नगर में रहते हैं परिजनों संग साधारण परिवार के गोवर्धन कुमार के पिता चलाते हैं स्टेशनरी के दुकान तो मां हैं आंगनबाड़ी सेविका आरा, संवाद सूत्र।
गोवर्धन की उपलब्धियां
भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड के चंदा गांव निवासी गोवर्धन कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। 13 जून को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पासिंग आउट परेड के बाद वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त हुए। गोवर्धन कुमार वर्तमान में आरा शहर के जगदेव नगर में अपने परिवार के साथ रहते हैं।
सीडीएस परीक्षा में सफलता
उन्होंने वर्ष 2024 की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की थी। 10 जनवरी 2025 को सीडीएस परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद उनका चयन भारतीय सैन्य अकादमी के लिए हुआ। कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे भारतीय सेना के अधिकारी बन गए हैं।
परिवार का सहयोग
गोवर्धन के पिता विश्वक सेन सिंह आरा के ब्लॉक रोड में स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां सुमन देवी आंगनबाड़ी सेविका हैं। साधारण परिवार से आने वाले गोवर्धन ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है।
शिक्षा यात्रा
उनकी प्रारंभिक शिक्षा के बाद वर्ष 2014 में उनका चयन सैनिक स्कूल रीवा (मध्य प्रदेश) में हुआ। वहीं से उन्होंने वर्ष 2019 में मैट्रिक और 2021 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में आरा स्थित हरप्रसाद दास जैन कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सीडीएस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
प्रेरणादायक उपलब्धि
दो बहनों के बीच गोवर्धन दूसरे स्थान पर हैं। उनकी सफलता से परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। गांव के लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि गोवर्धन की मेहनत और अनुशासन से अन्य छात्र भी प्रेरणा लेकर देशसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।


