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फटी हुई OMR मिली थी मीलॉर्ड, डेढ़ घंटे बैठाया; NEET की शिकायत लेकर छात्र पहुंचा हाई कोर्ट; क्या मिला जवाब

पश्चिम बंगाल के एक अभ्यर्थी को नीट की परीक्षा के दौरान अजीब अनुभव का सामना करना पड़ा। दरअसल उसके हाथ में फटी हुई ओएमआर शीट आ गई, इसकी शिकायत करने के बाद भी उसे बदला नहीं गया।

फटी हुई OMR मिली थी मीलॉर्ड, डेढ़ घंटे बैठाया; NEET की शिकायत लेकर छात्र पहुंचा हाई कोर्ट; क्या मिला जवाब
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताFri, 21 Jun 2024 09:37 PM
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ऑल इंडिया मेडिकल एंट्रेंस नीट परीक्षा देते समय पश्चिम बंगाल के एक अभ्यर्थी को अजीब अनुभव का सामना करना पड़ा। उसके हाथ में फटी हुई ओएमआर शीट आ गई, इसकी शिकायत करने के बाद भी उसकी उत्तर पुस्तिका नहीं बदली गई। इसके बदले उससे उत्तर पुस्तिका ले ली गई और उसे डेढ़ घंटे तक हॉल में बैठाए रखा गया। अंत में अभ्यर्थी से कहा गया कि उसे फटी हुई ओएमआर शीट पर परीक्षा देनी होगी। ऐसी शिकायत फियोना मजूमदार नाम की छात्रा ने की है।

आनंद बजार पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले को लेकर फियोना ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। परीक्षार्थी ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा के दिन उसका डेढ़ घंटा समय बर्बाद हुआ, लेकिन उसे अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। बल्कि बचे हुए समय में परीक्षा पूरी करनी होगी। इस संबंध में उन्होंने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था एनटीए से दोबारा परीक्षा लेने का अनुरोध किया, लेकिन एनटीए ने अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया और इसीलिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फियोना ने अदालत से अनुरोध किया कि उसे दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में फैसला सुनाया।

एनईईटी की शासी निकाय एनटीए ने अदालत में अभ्यर्थी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और तर्कों से इनकार किया। एनटीए ने हाई कोर्ट से कहा, ''परीक्षार्थी ने जो कहा है वह सच नहीं है। ओएमआर स्कैन होने के कारण अंत में उसे बदला नहीं जा सका। इसके अलावा उस ओएमआर का कुछ ऊपरी हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ था। परीक्षार्थी ने उन्हें गलत तरीके से 'फटा हुआ' कहा।"

हालांकि, शुक्रवार को कोर्ट ने अपने आदेश में परीक्षार्थी की ओर से कुछ टिप्पणियां कीं। मामला जस्टिस जॉय सेनगुप्ता की बेंच में आया, उन्होंने कहा, ''इसमें कोई संदेह नहीं है कि परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों का समय बर्बाद हुआ है। कोर्ट का मानना ​​है कि इससे उन्हें नुकसान हुआ है।"

जस्टिस सेनगुप्ता ने शुक्रवार को ही एनटीए के बयान की पुष्टि के लिए परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज देखे थे। इसमें देखा जा सकता है कि अभ्यर्थी बिना परीक्षा दिए काफी देर तक परीक्षा हॉल में बैठा रहा है, उसके बैठे रहने की अवधि  डेढ़ घंटे से कम नहीं थी। बाद में परीक्षार्थी ने कोर्ट को यह भी बताया कि उस दिन बदलने के नाम पर उससे फटी हुई ओएमआर शीट भी ले ली गयी थी। इसके लिए कहा गया कि उच्च अधिकारियों से बात कर उत्तर पुस्तिका में बदलाव किया जा सकता है लेकिन डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद वही ओएमआर वापस आई। वह अभ्यर्थी इतने समय तक परीक्षा नहीं दे सका।

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