class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत की पहली महिला एडवोकेट को Google ने इस तरह किया याद

google doodle

गूगल ने डूडल बनाकर भारत की पहली महिला एडवोकेट को याद किया है। आज भारत की पहली महिला बैरिस्टर कार्नेलिया सोराबजी का आज 151वां जन्मदिवस है। सोराबजी का जन्म महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था। वे एडवोकेट होने के साथ समाज सुधारक और लेखिका भी थी। वे बॉम्बे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने वाली पहली युवती, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करने वाली पहली महिला और ब्रिटिश यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाली पहली भारतीय भी थीं।

जिसके बाद उन्होंने महिलाओं को कानूनी परामर्श देना आरंभ किया और महिलाओं के लिए वकील का पेशा खोलने की मांग उठाई। आखिरकार 1907 के बाद कार्नेलिया को अपनी इस लड़ाई में जीत हासिल हुई। उन्हें बंगाल, बिहार, उड़ीसा और असम की अदालतों में सहायक महिला वकील का पद दिया गया। एक लम्बी जद्दोजहद के बाद 1924 में महिलाओं को वकालत से रोकने वाले कानून को शिथिल कर उनके लिए भी यह पेशा खोल दिया गया। 1929 में कार्नेलिया हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील के तौर पर सेवानिवृत्त हुईं। कार्नेलिया को आदर्श मान प्रेरणा लेते हुए महिलाएं आगे आईं और वे वकालत को एक पेशे के तौर पर अपनाकर अपनी आवाज मुखर करने लगीं। 1954 में कार्नेलिया का 88 की उम्र में निधन हो गया, पर आज भी उनका नाम वकालत जैसे जटिल और प्रतिष्ठित पेशे में महिलाओं की बुनियाद है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Google remembers India first female advocate in this way
बेरहमी: सिरफिरे आशिक ने इंजीनियरिंग छात्रा को जिंदा जलाया, ये थी वजहहिंडन में संदिग्ध: एजेंसियों ने दो दिन पहले ही आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया था