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27 फरवरी, 2020|3:31|IST

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स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल खालिक ने रौशन की थी हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की शमां

gonda freedom fighter abdul khaliq khan

गोण्डा जिले के हरधरमऊ ब्लाक के रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय अब्दुल खालिक खां हिन्दू मुस्लिम भाईचारे के प्रतीक थे। गोण्डा जिले ही नहीं बल्कि देवीपाटन मंडल में उन्होंने आपसी सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब की अनोखी शमां रौशन की थी जिसकी रौशनी आज तक बरकरार है। अपने जीवनकाल में उन्होंने दोनों समुदाय के बीच सेतु का काम किया। तत्कालीन सरकार और प्रशासन को जब भी अमन में खलल का सामना करना पड़ता तब श्री खां को याद किया जाता था। 

उनके इन्तिक़ाल के बाद सरकार ने उनको स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया। उनकी धर्मपत्नी को पेन्शन व सम्मान मिला। उनके पौत्र समाजसेवी मसूद आलम खां बताते हैं कि दादा एक प्रख्यात समाज सेवी व हिन्दू मुस्लिम भाईचारे के प्रतीक थे।बचपन के वो दिन याद आते हैं जब दादा प्रत्येक वर्ष मैजापुर बाजार मे एक विशाल मानव धर्म सम्मेलन का आयोजन करते थे। जिसमें हिन्दू, मुस्लिम धर्म गुरु एक मंच पर अपने अपने धर्मों का व्याख्यान करते थे। दोनों धर्म के लोग एक दूसरे धर्म के प्रवचन को सुनते  थे। हजारों की संख्या में हिन्दू मुस्लिम शामिल होते थे। सबको एक तरह का भोजन परोसा जाता था।

खास बात यह है कि कोई बावर्ची नही होता था। स्थानीय लोग ही मिलजुल कर खाना पकाने में सहयोग करते थे। श्री खां को कुरान, रामायण, गीता के बारे में भी काफी ज्ञान था। वह अक्सर कुरान की आयतों व रामायण की चौपाई से लोगों को समझाते थे। श्री खां ने 1960 में मिडिल ईस्ट अरब के लगभग सभी देशों का दौरा किया था। मिस्र के सदर नासिर हुसैन का भेजा हुआ खत व अरब के कई हस्तियों के खत आज भी परिवार के पास धरोहर के रूप में मौजूद हैं।

श्री खां गर्मी में एक महीना कश्मीर या मसूरी में रहते थे। श्री आलम ने बताया मुझे याद है जब कश्मीर से लौटते थे बहुत सारा ड्राई फ्रूट लाते थे। परिवार के बच्चे जेबों और बस्तों में रखकर स्कूल ले जाते थे और दोस्तों को भी खिलाते। आज भी पूरे इलाके के आइडियल है। हरधरमऊ में उनकी यादों का सरोवर है।

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  • Web Title:Gonda Freedom Fighter abdul Khaliq Khan Communal Harmony Hindu Muslims