समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज व सामाजिक अधिकारों पर बनी रणनीति
सोर्स: गोंड समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को सोनुवा में हुई। बैठक की अध्यक्षता गुरुचरण नायक ने की। इसमें गोंड संस्कृति, रीति-रिवाज, और जाति संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। आदिवासी शोध संस्थान के शोध कार्य की समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडल रांची भेजकर सरकारी अधिकारियों से गोंड समाज के मुद्दों पर चर्चा करेगा।

सोनुवा। पश्चिमी सिंहभूम एवं पूर्वी सिंहभूम के गोंड समाज के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक सोनुवा प्रखंड के टुनिया कला-संस्कृति भवन में गुरुवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष गुरुचरण नायक ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बड़ादेव की पूजा-अर्चना एवं प्रार्थना के साथ हुई। बैठक में गोंड समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपराओं, सामाजिक अधिकारों तथा जाति संबंधी अभिलेखों में दर्ज विभिन्न प्रविष्टियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विशेष रूप से आदिवासी शोध संस्थान रांची द्वारा गोंड समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज एवं परंपराओं को लेकर किए गए शोध कार्य की समीक्षा की गई। बैठक में गोंड समाज के खतियानधारियों के खतियान में जाति का उल्लेख अलग-अलग रूपों में दर्ज है।
इन प्रविष्टियों में आवश्यक संशोधन एवं एकरूपता लाने के लिए आगामी रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी। इसके अलावा रांची में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, आदिवासी कल्याण मंत्री एवं राजस्व मंत्री से मुलाकात कर गोंड समाज से जुड़े विभिन्न विषयों तथा खतियान में दर्ज जाति संबंधी विसंगतियों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएगा और आवश्यक समाधान की मांग रखेगा।


