कन्नौज में पकड़े गए सोने की खेप से एक बार फिर सुर्खियों में आया ठूठीबारी बार्डर
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आगरा एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज जिले में 10 किलो सोना बरामदगी के

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आगरा एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज जिले में 10 किलो सोना बरामदगी के बाद इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटा ठूठीबारी क्षेत्र एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है। करीब 16 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की ईंटों के साथ पकड़े गए दो आरोपितों में से एक कार चालक संदीप जायसवाल ठूठीबारी कस्बे का ही रहने वाला है, जबकि उसका दूसरा साथी संदीप पंत नेपाल का निवासी बताया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर पुलिस की गाड़ी से टकराने के बाद जब कार की तलाशी ली गई तो इस बड़ी तस्करी का भंडाफोड़ हुआ। दोनों आरोपित नेपाल से सोने की यह बड़ी खेप लेकर दिल्ली जा रहे थे। सीमावर्ती क्षेत्र के युवक की इस बड़े मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
तस्करी की यह पहली घटना नहीं
नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी बॉर्डर से तस्करी के तार जुड़ने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भारत-नेपाल मैत्री हाट बाजार मरचहवा में शेड के नीचे छिपाकर रखी गई चंडीगढ़ निर्मित 280 बोतल अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इसके अलावा बीते आठ अगस्त को नेपाल के पाल्पा जिले के तिनाऊ में वहां की पुलिस ने भारतीय कार से 623 बोतल चंडीगढ़ की शराब बरामद की थी। जांच में पता चला था कि जिस कार से शराब सीमा पार भेजी गई, उसने ठूठीबारी के समीप नेपाल के महेशपुर भंसार से एक दिन पहले सात अगस्त को परमिट बनवाया था। लगातार हो रही तस्करी की यह बड़ी घटनाएं इस तरफ इशारा कर रही हैं कि तस्कर ठूठीबारी बार्डर को सुरक्षित गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
ठूठीबारी का रियाज और सोने की खेप
कौन है ठूठीबारी का रियाज, जिसके कहने पर मिला था सोना
कन्नौज में पकड़े गए कार चालक संदीप जायसवाल से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। संदीप के मुताबिक ठूठीबारी में परचून की दुकान चलाने वाले रियाज ने उसे फोन कर गोरखपुर पहुंचने को कहा था। उसने बताया था कि वहां नेपाल के पाल्पा जिले के हुगी गांव का रहने वाला सदीप पंत मिलेगा, जिसके पास सोने की ईंटों से भरा बैग होगा। संदीप को कार से सरोज और सोने की खेप दिल्ली के दरियागंज पहुंचाने का जिम्मा मिला था। वहां सिर्फ कार का नंबर और गुप्त कोड देखकर अज्ञात शख्स को यह सोना सौंपना था। इस खुलासे के बाद अब खुफिया एजेंसियां ठूठीबारी के रियाज की तलाश में जुट गई हैं।
संदिग्धों का सिंडिकेट
एजेंसियों के रडार पर संदिग्धों का सिंडिकेट
नेपाल से तस्करी कर लाया गया सोना हो या भारत से नेपाल भेजी जा रही चंडीगढ़ की शराब, हर बड़े मामले की जड़ें ठूठीबारी से जुड़ने के बाद स्थानीय पुलिस, एसएसबी व कस्टम विभाग की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। इन बरामदगियों के कनेक्शन में ठूठीबारी का आ रहे नाम को लोग केवल इत्तेफाक नहीं मान रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सीमा पार से चलने वाले इस सिंडिकेट में कई स्थानीय कड़ियां भी शामिल हैं, जो माल को सीमा पार कराने और गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करती हैं। कन्नौज कांड के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी ठूठीबारी के पूरे नेटवर्क और आरोपियों के संपर्कों को खंगालना शुरू कर दिया है।


