त्योहारों पर 2.7 लाख अस्थायी रोजगार पैदा होंगे
मुंबई के अनुसार, इस त्योहारी सत्र में 2.5-2.7 लाख अस्थायी नौकरी की उम्मीद है, जिसमें ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक, और खुदरा क्षेत्र शामिल हैं। इस वर्ष गिग कर्मचारियों की मांग में 15-20 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। संगठित खुदरा और अन्य शहरों में बढ़ती खपत इन नौकरियों को समर्थन देगी।

मुंबई, एजेंसी। इस त्योहारी सत्र में अस्थायी कर्मचारियों (गिग कर्मी) की मांग से 2.5-2.7 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इसमें ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र सबसे आगे रहेंगे। ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को 'गिग वर्कर्स' कहा जाता है। मानव संसाधन क्षेत्र की कंपनी एडेको इंडिया की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया। इसके मुताबिक, 2026 के त्योहारी सत्र के लिए अस्थायी और गिग भर्ती में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कार्यबल की मांग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा लखनऊ, भुवनेश्वर, जयपुर और कोयंबटूर जैसे दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से होगा, जिसे ई-कॉमर्स की बढ़ती पहुंच, संगठित खुदरा वृद्धि और इन बाजारों में बढ़ती खपत का समर्थन प्राप्त है।
दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित पहली श्रेणी के शहरों में 30 प्रतिशत तक प्रतिभा की कमी देखी जा रही है।नियोक्ता तेजी से ऐसे बहुभाषी उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं जो हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मराठी बोल सकते हों, जो डिजिटल रूप से कुशल हों और ग्राहक-उन्मुख भूमिकाओं में सहज हों। महानगरीय बाजारों में अस्थायी वेतन में 12-15 प्रतिशत और दूसरी तथा तीसरी श्रेणी के शहरों में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि होने की भी उम्मीद है।


