पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिले : डॉ. प्रेम
गया जंक्शन रेल कंस्ट्रक्शन विभाग के सभा कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक

विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को गया जंक्शन परिसर स्थित रेल कंट्रक्शन विभाग के सभाकक्ष में जिला प्रशासन व रेल प्रशासन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी सुशील कुमार, रेल कंट्रक्शन विभाग के अभियंता हरिगोविंद राय, कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम बीके सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार सिन्हा, आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह सहित डीडीयू रेल मंडल के वरीय अधिकारीगण के अलावा रेलवे, जिला प्रशासन, जीआरपी, आरपीएफ के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन है। ऐसे में गया आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन और रेलवे की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्लेटफार्मों पर पर्याप्त पेयजल, स्वच्छ शौचालय, स्पष्ट साइनेज, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और ट्रेन समय-सारणी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही विष्णुपद मंदिर सहित प्रमुख स्थलों की दिशा बताने वाले संकेतक भी लगाए जाएं, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा
डीएम शशांक शुभंकर ने रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया कि स्टेशन परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था लगातार बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल टॉयलेट भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर उनकी निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष से कराई जाएगी। खराब कैमरों की तत्काल मरम्मत करने, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, रेलवे पुलिस की सक्रिय मौजूदगी तथा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। स्टेशन परिसर और एप्रोच रोड पर किसी भी प्रकार का डार्क स्पॉट नहीं रहने देने के लिए पर्याप्त रोशनी लगाने के निर्देश दिए गए।
कंट्रोल रूम और मेडिकल सुविधा
बैठक में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला के दौरान रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा, जहां रेलवे के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इंक्वायरी सेंटर भी चौबीसों घंटे कार्य करेगा तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त आरक्षण काउंटर खोले जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से भी हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जहां तीर्थयात्रियों को विभिन्न पिंडवेदियों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सहायता दी जाएगी। स्टेशन पर एंबुलेंस, मेडिकल टीम, आवश्यक दवाएं और पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए।
पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था
डीएम ने स्टेशन परिसर की पार्किंग को समतल और व्यवस्थित बनाने, वाहनों की सीरियल नंबर के आधार पर एंट्री सुनिश्चित करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए। जिला परिवहन पदाधिकारी, सदर एसडीओ और यातायात पुलिस को समन्वय बनाकर ऑटो एवं ई-रिक्शा का निर्धारित किराया सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कराने को कहा गया। अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्टेशन के बाहर अतिक्रमण हटाने, पब्लिक एड्रेस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा स्टेशन के अंदर-बाहर निरंतर घोषणाएं करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में गया जंक्शन से प्रतिदिन 40 से 50 हजार यात्री आवागमन कर रहे हैं। जबकि पिछले वर्ष पितृपक्ष मेला के दौरान यह संख्या बढ़कर 80 से 90 हजार प्रतिदिन पहुंच गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष रेलवे और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से व्यापक तैयारियां कर रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
(गया जी से राजेश कुमार मिक्की की रिपोर्ट)


