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16 जनवरी, 2021|2:10|IST

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा अर्नब गोस्वामी का मामला, बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने चीफ जस्टिस को लेटर लिख उठाया मानवाधिकार का मुद्दा

arnab goswami

बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को लेटर लिखकर अपील की है कि रिपब्लिक टीवी एडिटर अर्नब गोस्वामी के मामले में सर्वोच्च अदालत मूलभूत मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन का संज्ञान ले और महाराष्ट्र सरकार व मुंबई पुलिस की ओर से न्याय को पहुंचाए जा रहे आघात पर रोक लगाई जाए।  

भाटिया ने अपने खत में कहा है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस की ओर से अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी और हिरासत ''साफ तौर पर असंवैधानिक, स्पष्ट रूप से अवैध, सत्ता के दुरुपयोग का टेक्स्टबुक केस है।'' भाटिया ने कहा, ''रिपब्लिक मीडिया और इसके एडिटर को अपना काम करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है और अपमानित किया जा रहा है। पालघर में साधुओं की हत्या, सुशांत सिंह राजपूत केस और अन्य मामलों में महाराष्ट्र सरकार से कठिन सवाल पूछने की वजह से उन्हें सजा दी रही है।'' 

बीजेपी नेता ने लेटर में कहा है कि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, मीडिया पर सीधा प्रहार है। उन्होंने चीफ जस्टिस से कहा है, ''सत्ता के दुरुपयोग के दूसरे उदाहरण में मुंबई पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी पर झूठे आरोप लगाए। एक अन्य मामले में मुंबई पुलिस ने कानून की नियत प्रक्रिया की अवहेलना की और 2018 के बंद हो चुके सुसाइड केस को खोल दिया गया और अवैध तरीके से अर्नब गोस्वामी को 4 नवंबर 2020 की सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।''

मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए भाटिया ने कहा कि गोस्वामी को रविवार को अचानक अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तालोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। जिस वैन से उन्हें ले जाया गया उसकी खिड़कियों को ब्लैक स्क्रीन से कवर कर दिया गया था। उन्हें जिंदगी की रक्षा के लिए चिल्लाते सुना गया। उन्होंने कहा कि उन्हें पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी चिल्ला रहे थे कि जेल में उनकी जिंदगी को खतरा है।

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  • Web Title:Gaurav Bhatia urges Supreme court to take suo motu cognizance of blatant human rights violation of Arnab Goswami