गांजा तस्करी के दो आरोपियों को सात-सात साल सश्रम कारावास
प्वांइटर 25-25 हजार रुपये लगा जुर्माना, राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने सुनाई सजा को

कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गांजा तस्करी के एक मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने सोमवार, 7 सितंबर को दो आरोपियों को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर दोनों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी करार दिए गए आरोपियों में अवेता रैना (23), पिता स्व. मातियो रैना, निवासी कैसा, जिला गंजाम, ओडिशा तथा कुमार गमगा (26), पिता स्व. मोसेस गमगा, निवासी धुबरी, थाना सुलझा, जिला गंजाम, ओडिशा शामिल हैं。
गांजा लेकर भभुआ रोड जा रहे थे
ट्रेन से ओडिशा से गांजा लेकर भभुआ रोड जा रहे थे। मामला वर्ष 2025 का है। इस संबंध में कोडरमा रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रेल सुरक्षा बल के उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने मामला दर्ज कराते हुए बताया था कि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में जांच के दौरान दो युवकों के बैग से सात किलो गांजा बरामद किया गया था। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि वे ओडिशा से गांजा लेकर भभुआ रोड जा रहे थे। अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से गांजा की तस्करी किए जाने की बात सामने आई थी।
अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों ने रखी दलीलें
मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया तथा न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत से दोनों अभियुक्तों को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया।
वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अभियुक्तों के पक्ष में अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।


