गंगा में बढ़ाव जारी, तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बलुआ घाट पर जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। चेजिंग रूम तक पानी पहुँच गया है। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा और पशुओं के चारे की चिंता सता रही है।
पीडीडीयू नगर, हिटी। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव जारी रहने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को बलुआ घाट पर गंगा का पानी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इससे घाट के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है और लोग सहमे हुए हैं। बलुआ घाट पर बना नया चेजिंग रूम भी गंगा के बढ़ते पानी की चपेट में आ गया है। पानी चेजिंग रूम के अंदर तक पहुंच गया है। वहीं घाट की सीढ़ियां और गंगा मंदिर तीन दिन पहले ही गंगा में डूब चुके हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण घाट का अधिकांश हिस्सा पानी में समाता जा रहा है।
गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। इसी तरह बढ़ाव जारी रहा तो तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। जिले के करीब 50 गांव हर वर्ष गंगा की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ ही उनकी चिंता भी बढ़ती जा रही है। लोगों को पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान पर जाने की व्यवस्था की चिंता सताने लगी है।


