भागलपुर में बाढ़ का कहर : राघोपुर रेलवे लाइन को बचाने की जंग जारी
भागलपुर के खरीक अंचल में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटाव की समस्या गंभीर हो गई है। ग्रामीणों और प्रशासन की चिंता बढ़ रही है, क्योंकि नदी तट को काट रही है। स्थितियों की गंभीरता के मद्देनजर मंत्री और सरकारी अधिकारी वहां कैम्प कर रहे हैं। कटाव रोकने का संघर्ष जारी है।

भागलपुर से संजय कुमार की रिपोर्ट : गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच खरीक अंचल की राघोपुर पंचायत में कटाव का कहर अब भी बरकरार है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से ग्रामीणों एवं प्रशासन की चिंता बढ़ने लगी है। नदी लगातार तट की जमीन को काट रही है और कटाव का दायरा बढ़ता जा रहा है। तटबंध के निचले हिस्से (टो) तक पानी पहुंचने से दबाव और बढ़ गया है। हालात यह है कि नदी की धार के सामने जमीन लगातार खिसक रही है और रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर भी खतरा गंभीर होता जा रहा है। कटाव जिस रफ्तार में अपना दायरा बढ़ा रहा है, उस हिसाब से रेलवे लाइन को बचाने की जंग अंतिम मुकाम पर आ गई है।
अभियंताओं ने साफ कर दिया कि यदि 24 घंटे के अंदर हमलोगों को कटाव रोकने में कामयाबी मिलती है तो नदी की जद में आये गांव बच जाएंगे। वरना पूरे इलाके में बाढ़ की विभीषिका दिखने लगेगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर के विधायक कुमार शैलेंद्र, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, अभियंता प्रमुख वरुण कुमार, मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान आदि राघोपुर में कैंप कर रहे हैं। बचाव और कटावरोधी कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद गंगा की तेज धारा के सामने चुनौती कम नहीं हुई है।


