राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध में कटाव और बढ़ा
स्थानीय लोग बोले अब तक लगभग 200 मीटर तटबंध गंगा में समाया जल संसाधन विभाग

नवगछिया, निज संवाददाता। राघोपुर में गंगा नदी का कटाव जारी है। जल संसाधन विभाग द्वारा गंगा नदी के राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर कराए जा रहे बचाव कार्य का कटाव पर कोई असर नहीं दिख रहा है। नदी की तेज धारा के कारण लगातार कटाव हो रहा है, जिस कारण तटबंध के टूटे हिस्से की लंबाई लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार शाम से शुक्रवार शाम तक तटबंध का करीब 50 से 70 फीट तक हिस्सा कटा है। हालांकि जल संसाधन विभाग के अभियंता कटाव की पुष्टि तो करते हैं लेकिन उनका कहना है कि कटाव की रफ्तार कम हुई है और शुक्रवार को 3 मीटर से कुछ अधिक हिस्सा कटा है। कटाव का दायरा बढ़ने के कारण अब नदी में बहे तटबंध की कुल लंबाई 200 मीटर तक हो जाने की बात बतायी जा रही है। गंगा की तेज धार के कारण बचाव कार्य भी नाकाफी साबित हो रही है। हालांकि, जल संसाधन विभाग का नदी की धारा से संघर्ष का जंग युद्धस्तर पर जारी है। नदी में बालू की बोरियां और बम्बू रोल गिराकर कटाव की रफ्तार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन नदी के तेज प्रवाह के कारण सार्थक नहीं हो पा रहा है। बालू की बोरी को नदी की धरा बहाकर ले जाती है。
कटाव की स्थिति
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता जयप्रकाश पासवान ने बताया कि जिस जगह पर कटाव हुआ है वहां तेज भंवर बन रहा है और इससे कटाव बढ़ रहा है। हालांकि यह नदी की प्रकृति होती है। नदी अपना डिस्प्ले एरिया को लेती है। यह पानी के प्रेशर के कारण होता है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से लगभग 3 मीटर से अधिक कटाव हुआ जरूर है लेकिन राहत की बात यह है कि कटाव की रफ्तार अब पहले के मुकाबले 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसलिए अगर पानी का बहुत प्रेशर नहीं आता है तो उम्मीद की जा सकती है कि मरम्मत कार्य अब प्रभावी हो सकेगा। फ्लड फाइटिंग का काम लगातार चल रहा है। बांध को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुरानी रेलवे लाइन पर कटाव का खतरा
नदी के तेज कटाव से पुरानी रेलवे लाइन पर स्थित ब्रह्मबाबा स्थान के पास नदी का दबाव बढ़ता जा रहा है। जिससे इसके कटने का खतरा बढ़ गया है,हालांकि, विभाग द्वारा यहां भी एहतियातन बालू की बोरियां गिराई जा रही हैं। साथ ही उस स्थल पर बने झुग्गी-झोपड़ी को भी सुरक्षा के लिहाज से हटा दिया गया है।


