बांध-बराजों की समीक्षा कर नदियों की अविरलता सुनिश्चित हो
गंगा मुक्ति आंदोलन का फरक्का जल समझौते पर दो दिवसीय राष्ट्रीय जन संवाद शुरू

भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गंगा मुक्ति आंदोलन के बैनर तले भारत-बांग्लादेश फरक्का जल समझौता के संदर्भ में दो दिवसीय राष्ट्रीय जन संवाद का आयोजन शनिवार को सूजागंज स्थित एक होटल में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुज्जफरपुर के शाहिद कमाल और संचालन उदय ने किया। संस्कृति कर्मी उदय ने कहा कि इस वर्ष के दिसंबर में भारत-बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि की अवधि समाप्त हो रही है। जन संवाद के माध्यम से इस मुद्दे पर चर्चा कर साझा पक्ष तय किया जाएगा। कोसी क्षेत्र के नदी विशेषज्ञ महेंद्र यादव ने फरक्का बराज से संबंधित भारत-बांग्लादेश समझौते की जानकारी दी। जन संवाद में पहुचे लोगों ने मांग रखी कि नई संधि करने के बजाय फरक्का बराज समेत नदियों पर बने बांध-बराजों की समीक्षा कर नदियों की अविरलता सुनिश्चित की जाए।
वहीं, ऑनलाइन जुड़े गंगा मुक्ति आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अनिल प्रकाश और नदी घाटी मंच के संयोजक गौतम बंदोपाध्याय ने नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने पर जोर दिया। मौके पर राम शरण, तापस दास, रत्ना, डॉ. योगेंद्र, निर्मल, गौतम कुमार, योगेंद्र सहनी, नरेश सिंह, रोहित कुमार, अनिरुद्ध, कुमार कृष्णन, मो. बाकिर, मनोज मीता आदि मौजूद रहे।


