गंगा एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ग्राम समाज भूमि का होगा सत्यापन
गंगा एक्सप्रेसवे के पास स्थित गांवों में सरकारी भूमि का सत्यापन तेज कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में बैठक में लेखपालों को निर्देश दिए गए कि वे ग्राम समाज और सरकारी भूमि का स्थलीय सत्यापन करें। यह भूमि की वर्तमान स्थिति और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक है।

गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित गांवों में ग्राम समाज व अन्य आरक्षित सरकारी भूमि के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में संबंधित राजस्व लेखपालों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद क्षेत्र में औद्योगिक और विकासात्मक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि की वर्तमान स्थिति का सही आकलन जरूरी है। उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौके पर जाकर ग्राम समाज और आरक्षित भूमि का स्थलीय सत्यापन करें तथा वर्तमान खतौनी का आधार वर्ष की खतौनी से मिलान कर यह देखें कि शासकीय भूमि की स्थिति में किसी प्रकार का अवैध परिवर्तन या अनियमितता तो नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो उसका स्पष्ट विवरण तैयार कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट दी जाए। एडीएम ने अभिलेखीय और स्थलीय सत्यापन पूरी पारदर्शिता तथा गंभीरता से कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे भविष्य की औद्योगिक, आधारभूत संरचना और अन्य जनहित परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता का सही आकलन हो सकेगा और सरकारी भूमि का प्रभावी संरक्षण भी होगा।


