अक्तूबर से गंगा पुल की दूसरी लेन पर भी दौड़ेंगे वाहन
वाराणसी/चिरईगांव, हिटी। गंगा पुल की दूसरी लेन का कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है। एनएचएआई का दावा है कि अक्तूबर तक इस लेन पर वाहन चलने लगेंगे। परियोजना की लागत 949 करोड़ है। इसके अलावा, रेलवे क्रॉसिंग पर लांचिंग का कार्य भी पूरा करने का लक्ष्य है।

वाराणसी/चिरईगांव, हिटी। रिंग रोड पर बभनपुरा के पास निर्माणाधीन 1.32 किलोमीटर लम्बे और 12.5 मीटर चौड़े गंगा पुल की दूसरी लेन का काम लगभग 70 फीसदी पूरा हो गया है। सभी पिलर बन चुके हैं। इस समय सेगमेंट (स्लैब) का निर्माण चल रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों का दावा है कि अक्तूबर से इस लेन पर वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। रिंड रोड के फेज-2 के पैकेज-2 में सड़क निर्माण पूरा हो गया है।
गंगा पुल के निर्माण की स्थिति
गंगा पुल की एक लेन से हल्के वाहनों का आवागमन हो रहा है, जबकि दूसरी लेन और आगे पं. दीनदयाल उपाध्याय-पटना रेलरूट पर चंदौली जिले की सीमा में स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर बो-स्टिंग गर्डर की लॉन्चिंग का काम बचा है। इस समय गंगा पुल के निर्माण का दिन में काम चल ही रहा है, रात आठ बजे वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद करके कार्य कराया जा रहा है।
परियोजना की लागत और प्रगति
बता दें कि तकरीबन 949 करोड़ की परियोजना के तहत गंगा पुल की दूसरी लेन पर कुल 16 पिलर निर्माण लगभग पूरा हो गया है। 10 पिलरों पर सेगमेंट (स्लैब) ढाले जा चुके हैं, जबकि 6 पर काम चल रहा है। गंगा के सोता पर काम पूरा हो गया है। सिर्फ बीच के हिस्से में काम कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यह काम अक्तूबर के पहले पखवारे तक पूरा करके वाहनों का आवागमन शुरू कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
रेलवे क्रॉसिंग का कार्य
इसके अलावा पुल से आगे स्थित चंदौली जिले की सीमा में स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर सिर्फ बो-स्टिंग गर्डर की लॉन्चिंग शेष है। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक लेने की प्रक्रिया चल रही है। इस सम्बंध में एनएचएआई और रेलवे में पत्राचार भी चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ ब्लॉक मिल भी गए हैं। इनका दावा है कि बो स्टिंग गर्डर की लॉन्चिंग और शेष अन्य कार्य सितम्बर तक पूरे कर लिए जाएंगे।
गंगा पुल के फायदे
इनसेट
कई जिलों से बिहार, पं. बंगाल जाना आसान होगा
वाराणसी में रिंग रोड बनने से आवागमन में काफी सुविधा हुई है। शहर में वाहनों का लोड भी काफी कम हो गया है। अब गंगा पर पुल बनने से प्रयागराज, लखनऊ, सुलतानपुर, जौनपुर से चंदौली होकर बिहार और पश्चिम बंगाल की राह काफी सुगम हो जाएगी। अभी यहां जाने के लिए जीटी रोड और नेशनल हाइवे-02 होकर वाहन जाते हैं।


