गंगा खतरे के निशान के करीब, रामगंगा भी बढ़ा रही दहशत
फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे दर्जनों गांवों में संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नावों और मोटर वोटों का प्रबंध किया है। कटरी तौफीक की स्थिति अत्यंत गंभीर है, जहाँ लोग अपने घरों को तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं।

फर्रुखाबाद, संवाददाता।गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच रही हैं तो वहीं रामगंगा के जलस्तर में भी इजाफा हो रहा है। गंगापार के लिए तो सबसे बड़ी आफत है कि गंगा के साथ ही रामगंगा नदी बढ़ रही हैं। जलस्तर इतनी तेजी के साथ बढ़ रहा है कि गंगा के कहर से दर्जनों गांवों में हालात खराब हो रहे हैं। बांधों से पानी की मात्रा में कमीं नहीं की गयी है। शनिवार को भी भारी मात्रा में बांधों से पानी पास किया गया। शाम को गंगा नदी का जलस्तर 137.05 मीटर पर पहुंच गया जो कि खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ही दूर है। जबकि रामगंगा के जलस्तर में 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की इजाफा हुआ है। रामगंगा का जलस्तर 135.85 मीटर पर आ गया है। गंगा में जिस हिसाब से पानी पास किया गया है उससे अभी जलस्तर में कमी आने की गुंजाइश कम है। यही स्थिति रामगंगा के साथ है। गंगा और रामगंगा के निकटवर्ती गांवों के लोगों की बेचैनी इस कदर है कि वे अब सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। गंगा के कहर से तो पहले से ही कई गांव तबाह हो गए हैं। सबसे अधिक कहर शमसाबाद तराई क्षेत्र में बरप रहा है जहां पर दर्जनों मकान गंगा की भेंट चढ़ गये हैं। सड़कें अभी तक पानी में डूबी हैं। ऐसे में आवागमन की गंभीर समस्या हो गयी है।
गंगा और रामगंगा का कहर
गंगापार के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में भी गंगा का कहर बरप रहा है। यहां पर चिंता रामगंगा से अधिक हो रही है। रामगंगा के निकटवर्ती कोलासोता, अलादादपुर भटौली, रेंगापुर, महोलिया समेत आस पास के दर्जनों गांवों में बढ़े जलस्तर से हड़कंप मचा है। रामगंगा कटान भी तेजी के साथ कर रही हैं। रामगंगा के निकटवर्ती गांवों की सुरक्षा को लेकर जो पहले इंतजाम किए गए थे वह रामगंगा के वेग के आगे टिकाऊ होने की उम्मीद कम है। बाढ़ से अभी 63 गांव प्रभावित हैं। लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो इसके लिए नाव और मोटर वोट प्रशासन की ओर से लगाए गए है। जिन पर सवार होकर लोग निकल रहे है। प्रशासन की टीमें क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है जिससे की ग्रामीणों को कोई दिक्कत न हो सके।
जिन दीवारों को गाढ़ी कमाई से बनाया उन्हीं को तोड़ रहे
कटरी तौफीक की स्थिति
शमसाबाद, संवाददाता।बाढ़ प्रभावित कटरी तौफीक में अजीब सा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां आंसुओं के बीच मकानों पर हथौड़ा चल रहा है। पक्के घर की ईंटें हथौड़ा और घन चलाकर निकाली जा रही हैं जिससे कि उसका उपयोग दूसरे आशियाने के लिए किया जा सके। कटरी तौफीक में पिछले काफी दिनों से बाढ़ की दहशत के बीच ग्रामीण फंसे हैं। गंगा के कटान के चलते कई मकान पहले ही नदी में समा चुके हैं। कटान की जद में आए अन्य लोग भी अपने आशियाने खुद ही तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं । शनिवार को दोपहर रामतीर्थ जब अपने घर की ईंट खुद ही उखाड़ रहे थे तो उनकी आंखों में आंसू निकल रहे थे। रामतीर्थ ने पाई पाई जोड़कर घर बनाया था उसी घर को आज वह खुद तोड़ रहा है जिससे कि गंगा में समाने से पहले कम से कम ईंटेंं तो बचा सके। लालजीत के घर के पास भी गंगा की लहरें हिलोरे ले रही है तो ऐसे में लालजीत भी कम दहशतजदा नही हैं। शिवराज कहते हैं कि पहले बाढ़ आयी तो सोचा कि पानी उतर जायेगा मगर अब तो जमीन खिसक रही है। खुद ही जिस घर को बनाया उसे हाथ से तोड़ना पड़ रहा है। यह सब देखकर गांव के बच्चे सहमे हुये हैं। जो बच्चे आंगन में खेलते थे वह बाढ़ के पानी में नाव चला रहे हैं। महिलाएं सिर पर बर्तन और बिस्तर लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रही हैं। ग्रामीण दुखी होकर कहने लगे कि कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में कई और मकान गंगा की चपेट में आ सकते हैं। दर्दनाक स्थिति यह थी कि एक बुजुर्ग महिला तो अपने घर को टूटा देखकर रो पड़ी। कटरी तौफीक में जो हालात हैं उससे हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।
समेचीपुर चितार में भी चिंता बढ़ी
समेचीपुर चितार का संकट
शमसाबाद।बाढ़ से प्रभावित समेचीपुर चितार के लोग भी गंगा के कहर से बर्बाद हो रहे हैं। इस गांव में कई मकान गंगा में समा चुके हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण भयभीत हैं। कई झोपड़ियां भी कटान की भेंट चढ़ चुकी हैं। गांव के आस पास तेजी के साथ कटान हो रहा है। प्रधान ताराबानो के पुत्र शिजवान ने बताया कि कई दिनों से बाढ़ के पानी से ग्रामीण परेशान थे। अब फिर से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तलाश में जुटे हैं।
बदायूं रोड पर पानी का तेज प्रवाह, चित्रकूट के पास आवागमन बंद
अमृतपुर, संवाददाता।गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के साथ ही प्रशासन की ओर से एहतियात बरतना शुरू कर दिया गया है जिससे कि कोई अनहोनी न हो सके। बाढ़ के कहर से प्रभावित गंगापार में आफत बढ़ती ही जा रही है। शनिवार को चित्रकूट के पास बदायूं रोड पर पानी तेज प्रवाह से बहने लगा। इसके चलते चित्रकूट डिप के दोनों तरफ बेरीकेडिंग लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया है। कई फिट पानी चलने लगा है। इससे लोगों के जीवन को खतरा हो सकता था। इसलिए प्रशासनिक स्तर से चित्रकूट के पास से आवागमन बंद किया गया है। गंगापार में बाढ़ से दर्जनों गांव प्रभावित हैं। 24 घंटे से बाढ़ का दबाव और भी बढ़ा है और जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। गंगापार के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में इस कदर दहशत मची हुयी है कि लोग यही दुआ कर रहे हैं कि आखिरकार पानी कब उतरेगा। सबसे बड़ी चिंता रामगंगा ने बढ़ा दी है जो कि तेजी के साथ बढ़ रही है।
कांशीराम कालोनी में फिर घुसा बाढ़ का पानी
फर्रुखाबाद, संवाददाता।हैवतपुर गढ़िया स्थित कांशीराम कालोनी में भी बाढ़ ने दस्तक दे दी है। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित आवासों में पानी घुस गया है इससे यहां कालोनी के लोगों में खलबली मची है। पांच हजार की आवादी वाली इस कालोनी में ग्राउंड फ्लोर पर करीब 150 आवास हैं। इनमें लगभग सभी आवासों में पानी भर गया है। लोग अपना सामान सुरक्षित करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। कई लोगों का सामान भीग भी गया है। कई लोगों ने अपने सामान को ऊपरी मंजिल पर दूसरे लोगों की मदद से शिफ्ट किया है।


