मामूली बढ़त के बाद गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट
मुज़फ्फरपुर में गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी रखी है। गंडक, बूढ़ी गंडक, और बागमती नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। नेपाल में जल प्रलय के चलते लापता लोगों की जानकारी देने की सलाह दी गई है।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। मामूली बढ़त के बाद जिले से गुजरने वाली गंडक नदी के जलस्तर में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई है। इससे नेपाल में आए जल प्रलय के बाद उफान आने की आशंका से सहमे गंडक नदी के किनारे बसे जिले के तीन प्रखंडों के लोगों को राहत मिली है। हालांकि, जल संसाधन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। अधिकारी गंडक तटबंध से सटे तीनों प्रखंडों की बीस पंचायतों में लगातार कैंप कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति के पैदा होने पर शीघ्र राहत कार्य शुरू किया जा सके।
जल स्तर के आंकड़े
जल संसाधन विभाग से मिले जलस्तर के आंकड़ों के अनुसार, जिले से होकर गुजरने वाली तीनों प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। गंडक नदी के अलावा बूढ़ी गंडक और बागमती के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने गंडक नदी का जलस्तर शनिवार की सुबह छह बजे के आसपास करीब 50 सेंटीमीटर बढ़ने की संभावना जताई है। फिलहाल गंडक नदी का जलस्तर पूर्वी चम्पारण की सीमा से सटे डुमरियाघाट के पास 62.57 मीटर, रेवाघाट के पास 53.43 मीटर और वैशाली जिले के सीमावर्ती वाटर गेज लालगंज के पास 50.63 मीटर दर्ज किया गया है। तीनों जगहों नदी लाल निशान से नीचे बनी हुई थी। साथ ही शुक्रवार की सुबह छह बजे दर्ज जलस्तर की तुलना में शाम आठ बजे तक औसतन 10 सेंटीमीटर से लेकर 25 सेंटीमीटर तक कमी आई।
हर घंटे जल स्तर की रिपोर्ट
बाढ़ नियंत्रण के मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधीक्षण अभियंता बिनोद कुमार ने कहा कि खतरा के आशंका कम हो गई है। इसके बाद भी सभी संवेदनशील घोषित जगहों पर नजर रखी जा रही है। रात्रि गश्ती के अलावा दिन में भी संवेदनशील जगहों से हर घंटे की रिपोर्ट ली जा रही है। इधर, केंद्रीय जल आयोग से मिले डाटा के अनुसार, बूढ़ी गंडक कांटी में 50.28 मीटर तो सिकंदरपुर में 47.25 मीटर पर बह रही थी। वहीं, बागमती का जलस्तर कटौंझा में 53.19 तो बेनीबाद में 47.83 मीटर दर्ज किया गया था। इन दोनों नदियों का जलस्तर लगातार स्थिर बना हुआ है।
लापता लोगों की सूचना दें
डीएम कुमार गौरव ने जिले से नेपाल भ्रमण पर गए लोगों में लापता लोगों का पता लगाने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को सूचना देने के लिए कहा है। कहा कि जिस किसी के भी परिजन नेपाल के जल प्रलय के दौरान गायब हो गए हैं, उनकी सूचना फोन नंबर 8544010249 या 0621-2212007 दें।


