गंडक नदी का डिस्चार्ज घटा, किसानों की फसलों पर कटान का खतरा बढ़ा
कुशीनगर में वाल्मीकीनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक से घटकर 1.19 लाख 500 क्यूसेक हो गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। हालांकि, छितौनी बांध के पास किसानों की फसलों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।

कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज लगातार घट रहा है। मंगलवार की सुबह नदी का डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक से घटकर 1.19 लाख 500 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर घटने से रेताक्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन दूसरी ओर छितौनी बांध के ठोकर नंबर चार के समीप पानी में डूबी किसानों की फसलों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 94.98 मीटर दर्ज किया गया। पांच दिन पूर्व वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 1.77 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था।
इससे नदी उफान पर आ गई थी और छितौनी तटबंध से सटे किसानों के खेतों में पानी भर गया था। धान और गन्ने की फसल कई दिनों तक पानी में डूबी रहने से अब सूखने की कगार पर पहुंच गई है। जलस्तर घटने के साथ ही ठोकर नंबर चार के समीप पानी में डूबी फसलों के आसपास कटान का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और घटा तो पानी के तेज बहाव के कारण खेतों की मिट्टी कटने की आशंका है। इससे पहले नदी में उफान के दौरान किसानों की फसलें पानी में डूब गई थीं और अब उनके सामने फसल बचाने के साथ खेतों को कटान से बचाने की भी चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि, छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप पिछले दिनों से हो रहा कटान फिलहाल रुक गया है। कटान थमने से बाढ़ खंड विभाग ने राहत की सांस ली है। विभाग की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभागीय कर्मी सतर्क हैं। इधर, बसंतपुर, मरिचहवा और रोहुआ नाले पर अब भी पानी लगा हुआ है। इससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बावजूद नालों का पानी पूरी तरह नहीं उतरने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड ने बताया कि गंडक नदी अब सामान्य स्थिति में पहुंच गई है। छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप हो रहा कटान रुक गया है। संवेदनशील प्वाइंटों की लगातार निगरानी की जा रही है।


