औद्यागिक विकास योजना में मिला 40 हेक्टेयर का लक्ष्य
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जनपद हमीरपुर में 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर फलदार पौधों का रोपण कराया जाएगा। किसानों का चयन ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर होगा। नवीन उद्यान रोपण के लिए किसानों को सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था करनी होगी। आवेदन के लिए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज आवश्यक हैं।

हमीरपुर, संवाददाता। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जनपद में संचालित बुंदेलखंड एवं विन्ध्य क्षेत्र में औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत कृषक प्रक्षेत्रों पर कलमी फलदार पौधों अमरूद, आम, आंवला, नींबू वर्गीय फल, बेर, बेल एवं अनार आदि का रोपण कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत जनपद को 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। किसानों का चयन ऑनलाइन पंजीकरण की वरीयता के आधार पर ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ के सिद्धांत पर होगा।
योजना की जानकारी
जिला उद्यान अधिकारी डॉ.बल्देव प्रसाद ने बताया कि नवीन उद्यान रोपण के लिए ऐसे कृषकों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके प्रक्षेत्र पर रोपित उद्यान की सुरक्षा के लिए कटीले तार (बार्बेड वायर) से फेंसिंग तथा सिंचाई के लिए ड्रिप पद्धति की व्यवस्था स्थापित हो। ड्रिप सिंचाई प्रणाली की स्थापना के लिए उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत आवेदन कर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
रोपण की प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत कृषक द्वारा न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से अधिकतम 1.0 हेक्टेयर तक नवीन उद्यान रोपण किया जा सकेगा। नवीन उद्यान रोपण से संबंधित पौध, सिंचाई, सुरक्षा, अंतरवर्ती फसल लागत आदि का समस्त व्यय कृषक द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1.0 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नवीन उद्यान रोपण किए जाने पर पौध जीवितता के अनुरूप तीन हजार प्रतिमाह की दर से तीन वर्ष अर्थात 36 माह तक कुल 1.08 लाख की धनराशि डीबीटी के माध्यम से देय होगी। वास्तविक अनुदान पौधों की जीवितता के सत्यापन के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
पौध खरीदने की शर्तें
नवीन उद्यान रोपण को कृषक द्वारा पौध का क्रय राजकीय पौधशाला अथवा एक्रीडेटिड पौधशाला से ही किया जाना अनिवार्य होगा। पौध क्रय का बिल/रसीद आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। कृषकों का चयन ऑनलाइन पंजीकरण की वरीयता के आधार पर ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ के सिद्धांत पर लक्ष्य की उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक कृषकों को उद्यान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराते हुए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-अभिलेख की छायाप्रति एवं पंजीकरण पावती सहित पूर्ण आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करना होगा। स्थलीय सत्यापन के उपरांत पात्र कृषकों का चयन कर योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।


