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कोरोना से लेकर कामकाज बना आधार, मोदी कैबिनेट से 12 मंत्रियों की छुट्टी के पीछे ये हैं कारण

विशेष संवाददाता,नई दिल्लीPublished By: Priyanka
Thu, 08 Jul 2021 06:40 AM
कोरोना से लेकर कामकाज बना आधार, मोदी कैबिनेट से 12 मंत्रियों की छुट्टी के पीछे ये हैं कारण

केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए 12 मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है। इनमें से छह कैबिनेट मंत्री शामिल हैं, जिनके पास 12 मंत्रालयों का जिम्मा था। जबकि एक मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा पांच राज्यमंत्री शामिल हैं। मंत्रियों को हटाए जाने के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। किसी मंत्री को अच्छा प्रदर्शन नहीं कराने के कारण हटाया गया है तो कुछ को संगठन में बेहतर इस्तेमाल के मकसद से। कुछ मंत्रियों की उम्र ज्यादा होना भी प्रमुख रहा है। जबकि थावरचंद गहलोत को एक दिन पहले ही राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

तीन मंत्रियों पर कोरोना की गाज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन समेत तीन मंत्रियों को कोरोना की दूसरी लहर के कारण अपनी कुर्सी गवानी पड़ी। केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल में हर्षवर्धन के अलावा रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा को कोरोना के प्रबंधन एवं उपचार के लिए दवाओं का पर्याप्त प्रबंधन नहीं कर पाने की कीमत चुकानी पड़ी। जबकि श्रम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार को दूसरी लहर के दौरान अपनी ही सरकार पर कोरोना प्रबंधन पर सवाल उठाना महंगा पड़ा। गंगवार ने कोरोना प्रबंधन में खामियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था जिससे सरकार की भारी किरकिरी हुई थी।

कोरोना की पहली लहर निकलने के बाद दूसरी लहर की आहट नहीं भांप पाने के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय को विपक्ष ने भी कटघरे में खड़ा किया था तथा उनके इस्तीफे की मांग की थी। कहा जा रहा है कि जब करोना का नया वैरिएंट साल के आखिर में दस्तक दे रहा था तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके निपटने के लिए कुछ नहीं किया। हर्षवर्धन के पास स्वास्थ्य के अलावा विज्ञान के दो मंत्रालय भी थे। इसी प्रकार रसायन एवं उवर्रक मंत्रालय की भूमिका भी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में कमजोर रही। नतीजा यह हुआ कि जब दूसरी लहर पीक पर थी तब न अस्पताल में बेड थे और न दवाएं। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों मंत्रियों की विदाई इसी का नतीजा है।

सरकार की छवि नहीं बना सके
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे के पीछे माना जा रहा है कि कोरोना काल में सरकार की छवि को नहीं बचा पाए। उनका मंत्रालय सरकार के प्रयासों को बेहतर तरीके से पेश करने में मंत्रालय नाकाम रहा है। जावड़ेकर के पास पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अलावा भारी उद्योग मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था।

ट्विटर विवाद रहा कारण?
संचार, सूचना प्रौद्यौगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के इस्तीफे के पीछे कोई स्पष्ट कारण दिखाई नहीं देता है। यह संभावना जताई जा रही है कि उनका संगठन में बेहतर इस्तेमाल के मकसद से यह कदम उठाया गया है। हालांकि हाल में ट्विटर एवं सोशल मीडिया कंपनियों से हुए विवाद के आलोक में भी उनके इस्तीफे को अहम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य कारणों से निशंक का इस्तीफा
शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को हटाने के पीछे सबसे स्वास्थ्य संबंधी कारणों को अहम माना जा रहा है। कोरोना से ठीक होने के बाद वह पोस्ट कोविड दिक्कतों का सामना कर रहे हैं तथा हाल में ही एम्स से डिस्चार्ज हुए हैं। हालांकि बतौर शिक्षा मंत्री के रूप में वह कोई खास प्रदर्शन भी पिछले दो सालों के दौरान नहीं कर पाए। हालांकि ऐसा कोई कारण भी सार्वजनिक नहीं है जिससे लगे कि उनका कार्य बहुत खराब था।

थावरचंद गहलोत को क्यों हटाया?
थावरचंद गहलोत को कैबिनेट विस्तार से एक दिन पहले ही मंत्रालय से हटाकर कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है। इसलिए उनके मामले में यह माना जा रहा है कि उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है तथा लंबे समय से सरकार एवं सत्ता में कार्य करने के बाद उन्हें राज्यपाल बनाकर ईनाम दिया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में उनका कार्य सराहनीय रहा।

बंगाल चुनावों में हार बना कारण
बंगाल कोटे के दोनों मंत्रियों बाबुल सुप्रियो एवं देवोश्री चौधरी को बदला गया है। दोनों राज्यमंत्री रहे हैं। इन्हें हटाए जाने को लेकर कामकाज के प्रदर्शन के साथ-साथ इन्हें राज्य की राजनीति में कार्य करने के लिए भेज जा रहा है। हटाए गए अन्य मंत्रियों में महाराष्ट्र के संजय धोत्रे, हरियाणा के रतनलाल कटारिया, ओडिसा के प्रताप सारंगी प्रमुख हैं। इन्हें हटाने के पीछे भी कामकाज एवं क्षेत्रीय समीकरणों को वजह माना जा रहा है। बता दें कि हाल में एक कैबिनेट बैंठक के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ संकेत दे दिए थे कि कड़े फैसले लिए जाएंगे। उनका साफ ईशारा था कि मंत्री वही रह पाएंगे जिनका प्रदर्शन अच्छा होगा।

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