अभिव्यक्ति पर हमले के खिलाफ मुखर होने का आह्वान
रांची में जनवादी लेखक संघ द्वारा 'अभिव्यक्ति पर बढ़ते हमले' विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव को लेकर चिंता जताई और लेखकों से निर्भीक होकर बोलने का आह्वान किया। खेल एवं संस्कृति विभाग के मंत्री के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

रांची, विशेष संवाददाता। सफदर हाशमी सभागार में रविवार को जनवादी लेखक संघ (जलेस) रांची की ओर से- अभिव्यक्ति पर बढ़ते हमले, विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव और हमलों पर चिंता जताते हुए लेखकों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों से भयमुक्त होकर अपनी बात रखने का आह्वान किया। इसमें राज्य के खेल एवं संस्कृति विभाग व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदीप कुमार सोनू के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्षता प्रो अरुण कुमार ने की। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ विनोद कुमार, डॉ किरण, उपन्यासकार विनोद कुमार, फैसल अनुराग, सुधीर पाल, श्रीनिवास, एस चटर्जी, कुमार बृजेंद्र और नजमा नाहिद अंसारी ने कहा कि लेखकों और साहित्यकारों को मुखर होकर लिखना और बोलना होगा, तभी भय और आतंक के माहौल को खत्म किया जा सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि हाल के दिनों में युवाओं के आंदोलनों के बाद देश में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। लोग खुलकर और निर्भीक होकर सड़कों पर आकर संघर्ष कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। वक्ताओं ने कहा कि बिना संघर्ष के लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है। ऐसी गोष्ठियों के निरंतर आयोजन पर सहमति बनी। साथ ही जलेस और समान विचारधारा वाले लेखक संगठनों को व्यापक स्तर पर लोगों के बीच जाकर संवाद करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।


