इलाज के लिए नि:शुल्क शिविर में भेंगापन से पीड़ित 11 बच्चे चयनित
गुरुवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क शल्य चिकित्सा अभियान प्रारंभ हुआ। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर शिविर में भेंगापन से पीड़ित बच्चों का पहचान कर उनका नि:शुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। पहले दिन 11 बच्चों की पहचान की गई और उनमें से दो बच्चों का ऑपरेशन शुक्रवार को किया जाएगा।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मनोहरदास नेत्र चिकित्सालय व एमएलएन मेडिकल कॉलेज की ओर से नि:शुल्क शल्य चिकित्सा अभियान का शुभारंभ हुआ। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर आयोजित शिविर में भेंगापन से पीड़ित बच्चों की पहचान करके उनका नि:शुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। शिविर में पहले दिन डॉ. एसपी सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. क्षमा द्विवेदी, डॉ. आरती सिंह, डॉ. विभा सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह और जूनियर डॉक्टरों ने 11 बच्चों की पहचान की। इसमें दो बच्चों का ऑपरेशन शुक्रवार को डॉ. एसपी सिंह करेंगे। डॉ. सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की आंख यदि टेंढ़ी दिखाई दे, दोहरा दिखाई दे या बच्चे को सिर झुकाकर देखने की आदत तो इसे सामान्य बीमारी न समझें बल्कि डॉक्टर से संपर्क करें।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक अभय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिविर का उद्देश्य है कि जानकारी के अभाव में कोई पीड़ित बच्चा उपचार से वंचित न हो।


