स्टेशन पर मुफ्त मिलेगी सेनेटरी नैपकिन, रेलवे ने लगाई वेंडिंग मशीन
धनबाद स्टेशन पर महिलाओं और बालिकाओं के लिए मुफ्त सेनेटरी नैपकिन की सुविधा शुरू की गई है। रेलवे महिला संगठन की अध्यक्ष प्रिया मिश्र ने इसका उद्घाटन किया और महिलाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्काउट्स एंड गाइड्स की बालिकाओं ने भी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

धनबाद स्टेशन पर महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त में सेनेटरी नैपकिन मिल सकेगी। शनिवार को पूर्व मध्य रेलवे महिला संगठन की अध्यक्ष प्रिया मिश्र ने धनबाद स्टेशन पर सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपनी संगठन की पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ स्टेशन पर निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन का वितरण भी किया। प्रिया मिश्र ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वास्थ्यपूर्ण जीवन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं से व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों को अपनाने की अपील की।
इस मौके पर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की बालिकाओं ने स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अल्पना झा, मृणालिनी, शैली सहित संगठन की अन्य सदस्याएं भी उपस्थित थीं।
लेखक के बारे में
Ravikant Jhaशॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।
करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन


