पीपीटीसीटी कक्ष से गर्भवती और नवजात को मिल रही एचआईवी संक्रमण से सुरक्षा
फतेहपुर के जिला महिला अस्पताल में पीपीटीसीटी कक्ष गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद कर रहा है। महिलाएं यहां गोपनीय परामर्श, निशुल्क एचआईवी जांच और स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। एचआईवी पोजिटिव मामलों को शीघ्र उपचार और सुरक्षित प्रसव उपलब्ध कराया जाता है।

फतेहपुर। जिला महिला अस्पताल में संचालित पीपीटीसीटी (प्रिवेंशन आफ पैरेंट-टू-चाइल्ड ट्रांसमिशन) कक्ष गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले शिशुओं को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस कक्ष के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को गोपनीय परामर्श, निशुल्क एचआईवी जांच व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। गर्भवती महिला की नियमित प्रसव पूर्व जांच के साथ एचआईवी की स्क्रीनिंग भी की जाती है। अगर किसी महिला की रिपोर्ट एचआईवी पाजिटिव आती है तो उसे तत्काल एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र से जोड़कर उपचार शुरू कराया जाता है। साथ ही विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जाता है, जिससे नवजात में संक्रमण का खतरा कम से कम रहे।
जन्म के बाद शिशु को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं और निर्धारित अवधि तक नियमित फालोअप और जांच की व्यवस्था रहती है। सीएमएस डा. राजेश कुमार ने बताया कि पीपीटीसीटी कार्यक्रम का उद्देश्य माता से शिशु में एचआईवी संक्रमण की संभावना को लगभग खत्म करना है। इसके लिए सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क और गोपनीय रखी जाती हैं। विभाग ने गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वह समय पर प्रसव पूर्व जांच कराएं। एचआईवी जांच से न हिचकें जिससे मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।


