एमजीएम : चार साल में 450 लोगों के कान के पर्दे का ऑपरेशन
कोल्हान के एमजीएम अस्पताल में पिछले चार सालों में 450 कान के ऑपरेशन मुफ्त किए गए, जिससे मरीजों को 2.25 करोड़ रुपये की बचत हुई। ईएनटी विभाग में नई मशीन की मदद से काम करते हुए, सुनने में कठिनाई झेलने वाले गरीब मरीजों को बड़े पैमाने पर लाभ हुआ।

कोल्हान में सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में कान का ऑपरेशन नि:शुल्क होता है। पिछले चार साल में यहां करीब 450 ऑपरेशन किए गए, जिसमें मरीजों के करीब सवा दो करोड़ रुपये की बचत हुई। अस्पताल में ईएनटी विभाग वर्षों से चल रहा है, लेकिन 2022 में यहां नई मशीन के आने के बाद कान के पर्दे का ऑपरेशन शुरू हुआ। शुरुआत में तो कुछ गिने-चुने ऑपरेशन हुए, लेकिन इसकी संख्या तेजी से बढ़ने लगी और मात्र चार साल के अंतराल में ही यहां 450 से अधिक ऑपरेशन किए गए। इसमें छोटे से लेकर बड़े ऑपरेशन तक हुए। रिम्स को छोड़कर राज्य के अन्य चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ धनबाद में कान के कुछ गिने-चुने ऑपरेशन किए गए शेष अन्य तीनों मेडिकल कॉलेजों में एक भी ऑपरेशन नहीं किए गए। यही कारण है कि यहां सिर्फ कोल्हान ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों सहित आसपास के राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मरीजों के भी कान का यहां ऑपरेशन किया गया。
चार साल में करीब 2.25 करोड़ की बचत
कान के पर्दे का ऑपरेशन प्राइवेट अस्पताल में करीब 40 से 60 हजार रुपये में होता है। औसतन 50 हजार भी लगे तो 450 ऑपरेशन में यहां आने वाले मरीजों के 2.25 करोड़ रुपये की बचत हुई। इन ऑपरेशन कराने वालों में ज्यादातर वैसे गरीब मरीज होते हैं, जो 50 हजार रुपये नहीं दे सकते।


