पीपीपी मॉडल के तहत सदर अस्पताल में चल रहा है 24 घंटा पैथोलॉजी
पीपीपी मॉडल के तहत सदर अस्पताल में चल रहा है 24 घंटा पैथोलॉजी पीपीपी मॉडल के तहत सदर अस्पताल में चल रहा है 24 घंटा पैथोलॉजी

जमुई । निज संवाददाता बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा सूबे के सभी सदर अस्पतालों और अन्य सरकारी अस्पतालों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निशुल्क और 24 घंटे पैथोलॉजी जांच सेवा शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग के इस बड़े कदम से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को महंगे टेस्ट के लिए अब निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। साथ ही आर्थिक नुकसान से मरीज और उनके परिजन बच रहे है। सूबे की सरकार की इस पहल से गरीब तबके के लोगों को काफी लाभ मिल रहा है।
योजना की मुख्य विशेषताएं 24 घंटे सुविधा :
राज्य के अस्पतालों में अब चौबीसों घंटे पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा उपलब्ध रहेगा। सथ ही मरीजों को पैथोलॉजी हब में कई प्रकार के जरूरी और महंगे टेस्ट पूरी तरह मुफ्त मिल रहे हैं। मरीजों की सभी जांच रिपोर्ट का डिजिटल और केंद्रीकृत स्टोरेज किया जा रहा है, जिससे डॉक्टर या मरीज कहीं से भी अपनी रिपोर्ट आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।
सदर अस्पताल में फिलवक्त 87 प्रकार का किया जा रहा है जांच :
सदर अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय और पैथोलॉजी इंचार्ज मो. साबीर ने बताया कि जमुई सदर अस्पताल में फिलवक्त 87 प्रकार का जांच किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले भविष्य में कुल 135 प्रकार की जांच होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 87 जांच में प्रमुख्य रूप से थायराइड, सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, एफटी थ्री, एफटी फोर, टी थ्री, टी फोर, टीएसएच, वी-बी 12, एचबी वन सी आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की जांच के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर पर कम से कम 8 से 10 हजार राशि लग जाती है लेकिन अब जमुई के सदर अस्पताल में इन सभी प्रकार की जांच मुफ्त में किया जा रहा है।
हब एंड स्पोक मॉडल पर काम :
अधिकारियों ने बताया कि सदर अस्पताल को एक मुख्य हब के रूप में विकसित किया गया है। जिले के अन्य प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल एकत्र करके सदर अस्पताल भेजा जाएगा, जिससे ग्रामीण मरीजों को भी भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अब मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट के लिए सदर अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने होंगे। रिपोर्ट सीधे उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल माध्यम से भेज दी जाएगी।
संचालन और जिम्मेदारी :
राज्य स्वास्थ्य समिति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन का जिम्मा प्राइवेट पार्टनर्स को दिया गया है, जिसमें मेसर्स साइंस हाउस मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड लीड पार्टनर के रूप में और मेसर्स सोडानी हॉस्पिटल्स एंड डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंसोर्टियम के तौर पर काम कर रहे हैं।


