फूड सेफ्टी मित्र के नाम पर क्यूआर कोड बना विक्रेताओं से मांगे पैसे
धनबाद में खाद्य कारोबारियों से ठगी का नया तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाज फूड सेफ्टी मित्र का नाम लेकर कारोबारियों से पैसे वसूलने का प्रयास कर रहे हैं। फर्जी क्यूआर कोड दिखाकर तत्काल भुगतान की मांग की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। धनबाद में खाद्य कारोबारियों से ठगी का नया और हाईटेक तरीका सामने आया है। जालसाज फूड सेफ्टी मित्र के नाम पर कारोबारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फर्जी क्यूआर कोड के जरिए लाइसेंस और विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर कारोबारियों से ऑनलाइन पैसे वसूलने की कोशिश हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने उसे फर्जी बताते हुए कारोबारियों से सतर्क रहने की अपील की।
ठगी का तरीका
जिले के कई खाद्य विक्रेताओं और छोटे-बड़े कारोबारियों के पास कुछ लोग पहुंच रहे हैं। वे खुद को फूड सेफ्टी से जुड़ा प्रतिनिधि अथवा फूड सेफ्टी मित्र बताकर दुकानदारों से कहते हैं कि लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन अथवा अन्य विभागीय प्रक्रिया के लिए तत्काल भुगतान करना होगा। इसके लिए वे क्यूआर कोड दिखाकर उसे स्कैन करने का दबाव बना रहे हैं। कई मामलों में यह भी कहा जा रहा है कि भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है। यह पहली बार नहीं है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के नाम पर ठगी की कोशिश हो रही है। पहले भी फर्जी फूड सेफ्टी अधिकारी बनकर कारोबारियों से पैसे वसूलने का मामला सामने आ चुका है।
व्यापारियों की शिकायतें
बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने कहा कि कारोबारियों के बीच एक क्यूआर कोड घूम रहा है, जिसके जरिए पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह क्यूआर कोड वास्तव में विभाग से जारी किया गया है या फिर यह फर्जी है। पूरा मामले पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से ऐसा कोई भी क्यूआर कोड जारी नहीं किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग लाइसेंस या अन्य शुल्क वसूली के लिए किसी व्यक्ति के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान नहीं कराता। उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान न करें।


