फर्जी एनजीओ के नाम पर एक करोड़ की ठगी, संचालक गिरफ्तार
- स्वास्थ्य विभाग की टीबी जागरूकता अभियान के नाम पर 150 बेरोजगारों को बनाया शिकार

फर्जी एनजीओ के जरिए स्वास्थ्य विभाग में क्षय रोग जागरूकता अभियान के नाम पर 150 बेरोजगारों से एक करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले संचालक को विकासनगर पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से तीन मोबाइल, नकदी, प्रेस आईडी कार्ड, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड और विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। एसओ विकासनगर आलोक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पारस नाथ खरवार उर्फ पारस नाथ प्रसाद मूल रूप से देवरिया के भलुअनी का रहने वाला है। वह गुडंबा के कल्याणपुर स्थित नेहरू विहार आदर्श नगर में रह रहा था। 6 अप्रैल को महाराजगंज निवासी चंद्रमणि तिवारी समेत महाराजगंज, देवरिया और गोरखपुर के दर्जनों पीड़ितों ने पारसनाथ, विपिन व प्रताप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़ितों ने बताया कि दिसंबर 2025 में पारसनाथ ने विकासनगर सेक्टर-6 में बेक फाउंडेशन और जीवन पथ फाउंडेशन नाम की एनजीओ बताकर संपर्क किया। उसने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से टीबी जागरूकता अभियान का काम मिला है और संस्था में भर्ती चल रही है। 31 हजार से 90 हजार रुपये तक वेतन का लालच देकर प्रति व्यक्ति 90 हजार से 1.10 लाख रुपये लिए गए। आरोपी ने पीड़ितों को नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर भी दिए। महानगर के एक होटल में प्रशिक्षण कराया गया। जब अभ्यर्थी फील्ड में पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी किसी योजना से इनकार कर दिया। डीसीपी पूर्वी से शिकायत के बाद कोर्ट ने वारंट जारी किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


