अभ्यर्थियों के पहुंचे बिना ही धोखाधड़ी से बनवाया सर्टिफिकेट!
सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने का मामला किराने की दुकान से देशी शराब की बिक्री का वीडियो वायरल

सिद्धार्थनगर। सुजीत अग्रहरि देश की राजधानी दिल्ली प्रदेश में दिव्यांगता का फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में जनपद सिद्धार्थनगर का कनेक्शन मिलने के बाद कई तथ्य सामने आने लगे हैं। दिल्ली पुलिस ने सीएमओ कार्यालय के मलेरिया विभाग में तैनात वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक जय प्रकाश शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक ने अपराध को स्वीकार कर लिया है। मलेरिया निरीक्षक ने बताया है कि अभ्यर्थियों के पहुंचे बिना ही उन्होंने धोखाधड़ी कर झूठी व कूटरचित दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाया है। इस फर्जीवाड़ा की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली पुलिस एक्टिव होकर सीएमओ सिद्धार्थनगर को नोटिस थमाया है।
इसमें सर्टिफिकेट संबंधी 23 बिंदुओं का उल्लेख कर दस्तावेज मांगे हैं। इससे कई और दबे राज खुलने की चर्चा तेज हो गई है।दरअसल, दिल्ली प्रदेश के जनपद उत्तरी दिल्ली के मौरिस नगर थाने के स्पेशल स्टॉफ, जांच अधिकारी एसआई विनीत कुमार ने 10 सितंबर 2026 को सीएमओ सिद्धार्थनगर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 94 के तहत नोटिस थमाया है। जिसमें उन्होंने एक मुकदमे का उल्लेख करते हुए बताया है कि विवेचना के दौरान आरोपित ललित कुमार व आदित्य के कब्जे से चार दिव्यांगता सर्टिफिकेट, यूडीआईडी संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में उक्त दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सह आरोपित सीएमओ सिद्धार्थनगर के अधीन सेवारत वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक जय प्रकाश शुक्ल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में सहआरोपित ने बताया है कि चारों दिव्यांगता सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) ललित कुमार व आदित्य कुमार के कहने पर धोखाधड़ी से बिना अभ्यर्थी के मेडिकल जांच व बिना अभ्यर्थी के उपस्थिति के गैर कानूनी तरीके से तैयार करवाए गए थे। यह भी तथ्य सामने आया है कि जिन व्यक्तियों के नाम पर उक्त दिव्यांगता सर्टिफिकेट तैयार जारी किए गए वह कथित रूप से दिव्यांगता आकलन के लिए चिकित्सा बोर्ड के समक्ष उपस्थित ही नहीं हुए और झूठी-कूटरचित चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सर्टिफिकेट तैयार किया गया है। एसआई ने उन तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि व संबंधित व्यक्तियों, अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए बीएनएसएस की धारा 94 के तहत सीएमओ को नोटिस थमाया है। जिसमें 23 बिंदुओं पर सूचना मांगी है। विभाग में चर्चा है कि दिल्ली पुलिस की जांच के बाद अभी कई और राज खुल सकते हैं। फिलहाल लोगों की निगाह सीएमओ सिद्धार्थनगर द्वारा दिल्ली पुलिस को सौंपे जाने वाली रिपोर्ट पर बनी है।


