हरिद्वार में 63.50 लाख लेने के बाद नहीं दिया माल, मुकदमा दर्ज
हरिद्वार में निर्माण सामग्री के नाम पर 63.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। पीड़ित ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी जीएसटी और ई-वे बिल के जरिए ठगी की। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

हरिद्वार। निर्माण सामग्री के नाम पर 63.50 लाख रुपये लेने के बाद माल नहीं भेजने और फर्जी जीएसटी बिल व ई-वे बिल तैयार कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
पुलिस कार्रवाई
पथरी थाना पुलिस ने पीड़ित ठेकेदार की तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक ग्राम भारापुर, थाना बहादराबाद निवासी मोहम्मद अकरम पुत्र इरफान, प्रोपराइटर मै. जनता कंस्ट्रक्शन हाउस ने शिकायत कर बताया कि वह ठेकेदारी का कार्य करते हैं। उनका धनपुरा निवासी मनव्वर हसन, प्रोपराइटर मै. मियां हाजी शौकत अली, उसके पुत्र अमन, प्रोपराइटर अमन ट्रेडिंग कंपनी तथा मनव्वर के भाई अमीर पुत्र हाजी शौकत अली से निर्माण सामग्री का कारोबार होता था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से लेन-देन चल रहा था। आरोप है कि अधिक मात्रा में सरिया और सीमेंट की आपूर्ति के नाम पर मनव्वर हसन ने एडवांस भुगतान मांगा।
धोखाधड़ी का खुलासा
इस पर 6 सितंबर 2025 को 14 लाख रुपये और 7 अक्टूबर 2025 को 49.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उसके बैंक खाते में भेजे गए। 63.50 लाख रुपये प्राप्त होने के बाद भी आरोपियों ने माल की आपूर्ति नहीं की और लगातार टालमटोल करते रहे। आरोपियों ने माल की आपूर्ति दर्शाते हुए जीएसटी बिल और ई-वे बिल भी उपलब्ध कराए, लेकिन बाद में जीएसटी विभाग की जांच में सभी बिल और ई-वे बिल फर्जी पाए गए। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के कारण उन्हें जीएसटी विभाग से नोटिस भी मिला।
आगे की कार्रवाई
जब उन्होंने माल देने और रकम लौटाने की मांग की तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मनव्वर हसन, अमन पुत्र मनव्वर और अमीर पुत्र हाजी शौकत अली निवासी ग्राम धनपुरा, थाना पथरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि एसओ रविंद्र कुमार ने की है।
FAQs
लेखक के बारे में
Sagar Joshiशॉर्ट बायो : सागर जोशी, पिछले 13 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में हरिद्वार ब्यूरो इंचार्ज हैं।
परिचय एवं अनुभव
सागर जोशी हरिद्वार की पत्रकारिकता का जाना पहचाना नाम हैं। 2022 से हरिद्वार इंचार्ज की भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
सागर ने राष्ट्रीय सहारा से वर्ष 2013 में हरिद्वार से करियर शुरू किया। इसके बाद दैनिक जागरण और दो बार अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों में उन्होंने काम किया। हरिद्वार के अलावा रुड़की और देहरादून में भी काम किया। वर्ष 2017 में बतौर रिपोर्टर हिन्दुस्तान में शुरुआत की और कुंभ 2021 में बेहतर कवरेज के बाद हिन्दुस्तान में स्टाफ रिपोर्टर बनने का मौका मिला। 2021 में देहरादून में काम करने के बाद 2022 में हरिद्वार ब्यूरो का इंचार्ज बनाया गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान से करने के कारण राजनीति की समझ है। प्रदेश के सबसे अधिक अपराध वाले जिला हरिद्वार में काम करने के कारण अपराध में अच्छी पकड़। छह सालों का क्राइम रिपोर्टर का अनुभव।
विजन
खेल, क्राइम, अध्यात्म, राजनीतिक ऐनालिसिस विषयों में सागर की समझ है। इसके अलावा ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा नगर निगम, प्रशासन समेत कई एक्सलूसिव स्टोरी पर जोर होना चाहिए। सागर का मानना है कि एक अच्छे रिपोर्टर में केवल खबर लिखने की क्षमता ही नहीं, बल्कि कई मानवीय गुण भी होने चाहिए। रिपोर्टर हमेशा सवाल पूछने वाला और आसपास हो रही घटनाओं के प्रति सजग होना चाहिए। छोटी-सी जानकारी में भी खबर खोजने की क्षमता जरूरी है। सही और भरोसेमंद जानकारी देना पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बिना पुष्टि के खबर न लिखना, कई स्रोतों से जानकारी लेना और संतुलन बनाए रखना जरूरी है। रिपोर्टर को किसी पक्ष, दबाव या निजी विचार से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए। सरल, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में लिखने की क्षमता जरूरी है ताकि आम पाठक भी खबर आसानी से समझ सके। लोगों से बात करने, भरोसा जीतने और सही सवाल पूछने की कला रिपोर्टर को बेहतर बनाती है। इंटरव्यू लेने की क्षमता सबसे जरूरी है। खबर समय पर देना अब पत्रकारिता का मूल नियम है। आज के दौर में मोबाइल जर्नलिज्म, सोशल मीडिया, फोटो-वीडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ होना भी जरूरी है।
उपलब्धियां
तीन बार हिन्दुस्तान होनहार का अर्वाड मिला। अर्द्धकुंभ 2016, कुंभ 2021 की मीडिया कवरेज के अलावा कई बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की कवरेज।
काम के अलावा घूमना और खेलना, खेल में क्रिकेट, शतरंज, तैराकी में महाराथ
विशेषज्ञता
खेल
क्राइम
घोटाले (स्कैम/करप्शन) से जुड़ी रिपोर्टिंग
गहरी पड़ताल करने की क्षमता
दस्तावेज़ पढ़ने और समझने की योग्यता
सरकारी फाइलें, ऑडिट रिपोर्ट, आरटीआई जवाब
गोपनीय स्रोतों को संभालने की क्षमता
डेटा और डिजिटल जांच कौशल।


