फर्जी पहचान पर 20 लाख में करा दिया जमीन का बैनामा, मुकदमा दर्ज
बलरामपुर में एक जमीन हड़पने के लिए फर्जी पहचान और दस्तावेज तैयार कर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। असली मालिक कंचन मौर्या के दस्तावेजों में हेराफेरी कर धर्मावती को उनके नाम पर खड़ा किया गया। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

बलरामपुर, संवाददाता। दूसरे की जमीन को हड़पने के लिए फर्जी पहचान व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि असली भू-स्वामिनी कंचन मौर्या के आधार कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी कर धर्मावती नाम की महिला को कंचन मौर्या बनाकर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद ग्राम सभा सलेमपुर स्थित 0.32 हेक्टेयर जमीन का 22 मार्च 2022 को बैनामा करा दिया गया। जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे खरीदार को जब असली मालकिन ने जमीन बेचने से इनकार किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला तहसील उतरौला क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर की गाटा संख्या 825 से जुड़ा है। गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र के ग्राम भिटौरा निवासी मो. इसरार पुत्र मो. इब्राहिम के मुताबिक आरोपियों ने उक्त जमीन को बेचने का सौदा किया। आरोप है कि इसके लिए कंचन मौर्या के नाम पर फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। धर्मावती को कंचन मौर्या के रूप में पेश कर जमीन का बैनामा कराया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक जमीन के सौदे के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की रकम अलग-अलग किस्तों में आरटीजीएस और नकद के माध्यम से ली गई। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक से जुड़े खातों में हुए लेनदेन को भी मामले की जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब पुलिस यह खंगाल रही है कि फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार हुए, असली भू-स्वामी की पहचान का इस्तेमाल किस तरह किया गया और बैनामे की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि मो. इसरार की तहरीर पर धर्मावती पत्नी कौशल कुमार निवासी ग्राम किरतापुर अहिरन थाना रेहरा बाजार, कौशल कुमार पुत्र स्व. रामधीरज निवासी ग्राम किरतापुर अहिरन थाना रेहरा बाजार और कमालुद्दीन व शहाबुद्दीन पुत्रगएा मो. अमीन निवासी ग्राम रामपुर ग्रिन्ट थाना सादुल्लाहनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और धमकी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले में बैनामा, पहचान संबंधी दस्तावेजों व रुपये के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


