अडोर स्मार्ट सिटी परियोजना में बिल्डर पर करोड़ों की धोखाधड़ी का केस दर्ज
फरीदाबाद में, सेंट्रल थाना पुलिस ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट अडोर स्मार्ट सिटी-1 में धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर और उसके साझेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे परियोजना में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया गया था लेकिन केवल 28 लाख रुपये प्राप्त हुए।

फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। सेंट्रल थाना पुलिस ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट अडोर स्मार्ट सिटी-1 में धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर कंपनी और साझेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला मंगलवार को दर्ज किया। पुलिस ने यह मामला आर्थिक अपराध शाखा की अनुशंसा के बाद दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, खेड़ी कलां गांव निवासी हरिचंद ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी नचौली गांव स्थित करीब 65 कनाल 8 मरला (लगभग 8.175 एकड़) भूमि पर वर्ष 2021 में बिल्डर के साथ कॉलोनी विकसित करने के लिए समझौता हुआ था।मैसर्स अडोर प्रॉपबिल्ड एलएलपी, उसके साझेदार जेतैश कुमार गुप्ता और फर्म के अन्य साझेदारों ने उन्हें परियोजना की बिक्री राशि में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार समझौते के बाद अडोर स्मार्ट सिटी-1 परियोजना लॉन्च की गई, जिसमें 168 प्लॉट विकसित किए गए। पीड़ित का आरोप है कि शुरुआत में प्लॉटों की बिक्री दर तय कर करोड़ों रुपये की बिक्री का अनुमान लगाया गया था, लेकिन उन्हें केवल 28 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद लगातार मांग करने पर भी वास्तविक बिक्री का हिसाब नहीं दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिल्डर ने अधिकांश प्लॉट बेच दिए, लेकिन बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखाया। आरोप यह भी कि कुछ प्लॉट तय कीमत से कम पर दिखाकर बेचे गए और शेष राशि नकद में लेकर उसे खातों में दर्ज नहीं किया गया, जिससे शिकायतकर्ता की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने से बचा जा सके। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें बैंक स्टेटमेंट, खातों और बिक्री रिकॉर्ड देखने तक नहीं दिए गए तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित का दावा है कि प्रारंभिक बिक्री मूल्य के आधार पर ही उन्हें लगभग 15 करोड़ 99 लाख रुपये मिलने थे। जबकि बाद में प्लॉटों की कीमत बढ़ने से उनका हिस्सा और अधिक बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर उनकी हिस्सेदारी हड़पने के उद्देश्य से धोखाधड़ी की है।


