साप्ताहिक बाजारों से बाइक चुराने वाले दबोचे
ग्रेटर नोएडा, ब्रिजेश कुमार। सूरजपुर थाने की पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का

ग्रेटर नोएडा, संवाददाता। सूरजपुर थाने की पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपी दिल्ली-एनसीआर के साप्ताहिक बाजारों से वाहन चुराते थे। उनके कब्जे से 12 बाइक और दो स्कूटी बरामद हुईं। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सुरजपुर कोतवाली पुलिस टीम ने रविवार को चेकिंग के दौरान गुलिस्तानपुर अंडरपास के समीप बाइक सवार संदिग्ध युवकों को जांच के लिए रुकने का इशारा किया। बिना नंबर प्लेट की दो बाइक पर चार लोग सवार थे। पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। उनके पास से बरामद बाइक की जांच की गई तो वे चोरी की पाई गईं। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखी गईं चोरी के अन्य बाइक और स्कूटी बरामद की गईं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी शिवम उर्फ शूटर, बदायूं निवासी अभिषेक, बिहार निवासी अजीत और कुलेसरा निवासी गौरव के रूप में हुई।
आरोपी बाइक चोरी के बारे में
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भी कई दोपहिया वाहन चोरी कर चुके हैं। चोरी किए गए वाहनों को तत्काल बेचने के बजाय एक जगह इकट्ठा कर छिपाकर रखते थे। पुलिस अब बरामद वाहनों के संबंध में दर्ज मुकदमों और उनके वास्तविक मालिकों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
चोरी की बाइक बेचने का तरीका
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के जिलों में सक्रिय था। पकड़े गए आरोपी साप्ताहिक बाजार में खड़ी बाइक चोरी करते थे। चोरी के वाहनों को कुछ समय तक अपने पास रखने के बाद जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर बेच देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य ज्यादातर चोरी की बाइक रेहड़ी और जुगाड़ चलाने वाले लोगों को बेचते थे।
पुलिस की जांच और रिकॉर्ड
पुलिस ने शिवम उर्फ शूटर को गिरोह का सरगना बताया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी के वाहनों को बेचने में कौन-कौन उनकी मदद करता था।
आपराधिक मित्रता
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल एक साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी पूर्व में सुरजपुर क्षेत्र में आसपास की फैक्टरी में काम करते थे। इसके बाद आपस में उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान इनके बीच आपस में दोस्ती हो गई और सभी ने मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया।
चोरी की तकनीक
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अधिकांश ऐसी बाइक चोरी करते, जिनके मालिक बाइक में चाबी लगी छोड़ कर चले जाते। वह तुरंत मौका पाकर बाइक चोरी कर लेते। इसके अलावा मास्टर चाबी का भी इस्तेमाल करते थे। मास्टर चाबी से लॉक खोलकर नीचे से प्लग हटाते थे और बाइक चोरी कर आसानी से फरार हो जाते। पुलिस के मुताबिक आरोपी मथुरा और अलीगढ़ क्षेत्र में बाइक को 10 से 15 हजार रुपये में बेच देते थे।


