हिंदी लेखन के लिए सांसद बृजलाल को मिलेगा ‘साहित्यमहोपाध्याय’ सम्मान
लखनऊ। यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल को हिंदी साहित्य सम्मेलन से साहित्य महोपाध्याय सम्मान दिया जाएगा। उन्हें 14 सितंबर को प्रयागराज में चार अन्य विद्वानों के साथ हिंदी दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। बृजलाल ने 10 पुस्तकें लिखी हैं और हिंदी साहित्य में उनके योगदान को सराहा जा रहा है।

लखनऊ। यूपी के पूर्व डीजीपी और राज्यसभा सांसद बृजलाल को हिंदी लेखन एवं साहित्य सेवा के लिए हिंदी साहित्य सम्मेलन-प्रयाग की ओर से साहित्य महोपाध्याय सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। उन्हें 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर प्रयागराज में चार अन्य विद्वानों के साथ सम्मानित किया जाएगा। बृजलाल, संसद की स्थायी समिति, कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी, के अध्यक्ष भी है। फोन पर हुई बातचीत के दौरान बृजलाल ने बताया कि हिंदी साहित्य सेवा के लिए दिए जाने वाले इस महत्वपूर्ण अलंकरण से वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इससे पहले भी उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान की ओर से उनकी पुस्तकों के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
अब तक उनकी 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि एक पुस्तक प्रकाशनाधीन है। इनमें ‘सियासत का सबक़ (जोगेंद्र नाथ मंडल)’, इसका बंगला संस्करण, ‘इंडियन मुजाहिदीन (निशाने पर गुजरात)’, अंग्रेजी और गुजराती संस्करण, ‘पुलिस की बारात (फूलन देवी एवं चंबल गैंग्स)’, ‘लखनऊ के रंगबाज़’, ‘इटावा फाइल्स’, ‘डेढ़ विश्वा ज़मीन (यूपी क्राइम फाइल्स)’ और ‘मेरा जीवन संघर्ष’ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ‘सियासत का सबक़’ की अब तक करीब 32 हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। उनकी अगली पुस्तक ‘भारतीय पुलिस सेवा-मेरे जीवन की चुनौतियां’ जल्द ही आएंगी। उनकी पुस्तकों का प्रकाशन दिल्ली के शिवांक प्रकाशन और प्रभात प्रकाशन से हुआ है।


