DA Image
25 अक्तूबर, 2020|3:06|IST

अगली स्टोरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, राजनाथ सिंह ने की उनके परिवार से मुलाकात

former union minister jaswant singh dies sick for a long time

1 / 2

breaking news

2 / 2

PreviousNext

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर दुख जताया है। सेना के अस्पताल ने बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री मेजर जसवंत सिंह (सेवानिवृत्त) का रविवार सुबह 6:55 पर निधन हो गया। उन्हें 25 जून को भर्ती कराया गया था और मल्टीअर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम के साथ सेप्सिस का इलाज किया जा रहा था। आज सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कोविंद ने रविवार को ट्वीट करके कहा, ' वयोवृद्ध सैनिक, उत्कृष्ट सांसद, असाधारण नेता एवं बुद्धिजीवी श्री जसवंत सिंह का निधन दुखद है। उन्होंने कई कठिन भूमिकाओं का निर्वहन सहजता और समानता के साथ किया।' उन्होंने कहा, ' उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, 'जसवंत सिंह जी ने पहले एक सैनिक के रूप में और बाद में राजनीति के साथ अपने लंबे जुड़ाव के दौरान देश की सेवा पूरी मेहनत से की। अटल जी की सरकार के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण विभागों को संभाला और वित्त, रक्षा और बाहरी मामलों की दुनिया में एक मजबूत छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं।'

दिल्ली में राजनाथ सिंह ने जसवंत सिंह के परिवार के लोगों से मुलाकात की।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि दिवंगत जसवंत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान केन्द्र सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में अमिट छाप छोड़ी, जिसमें रक्षा, वित्त एवं विदेश मंत्रालय शामिल है।

कुमार ने कहा कि वित्तमंत्री के रूप में सिंह ने बाजार-हितकारी सुधारों को बढ़ावा दिया। उन्होने बताया कि 1960 के दशक में वह भारतीय सेना में अधिकारी भी रहे। 2001 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान भी मिला था। वे भारतीय राजनीति के महान विभूति थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने के लिये ईश्वर से प्रार्थना की।

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जसवंत सिंह जी को राजनीति और समाज के मामलों पर उनके अनूठे दृष्टिकोण के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने भाजपा को मजबूत बनाने में भी योगदान दिया। मैं हमेशा उनके साथ हमारी बातचीत को याद रखूंगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।'

जसवंत सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ: राजनाथ

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'अनुभवी भाजपा नेता और पूर्व मंत्री श्री जसवंत सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने रक्षा मंत्रालय के प्रभारी सहित कई क्षमताओं में देश की सेवा की। उन्होंने खुद को एक प्रभावी मंत्री और सांसद के रूप में प्रतिष्ठित किया। जसवंत सिंह जी को उनकी बौद्धिक क्षमताओं और देश की सेवा में तारकीय रिकॉर्ड के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने राजस्थान में भाजपा को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना। ॐ शांति।'

सीएम योगी ने भी शोक प्रकट किया

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए कहा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता श्री जसवंत सिंह जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिजनों को इस आघात को सहने की क्षमता प्रदान करें। ॐ शांति।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट कर दुख प्रकट किया

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके कहा राज्य के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जी के निधन पर मुझे दुख है। भगवान इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के सदस्यों को शक्ति प्रदान करें। उनकी आत्मा को शांति मिले।

भारतीय सेना में रहे जसवंत सिंह ने बाद में राजनीति का दामन थाम लिया था। बीजेपी की स्‍थापना करने वाले नेताओं में शामिल जसवंत ने राज्‍यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में बीजेपी का प्रतिनिधित्‍व किया। बतौर वित्‍त मंत्री जसवंत सिंह ने स्‍टेट वैल्‍यू ऐडेड टैक्‍स (VAT) की शुरुआत की जिससे राज्‍यों को ज्‍यादा राजस्‍व मिलना शुरू हुआ। उन्‍होंने कस्‍टम ड्यूटी भी घटा दी थी।

जसवंत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार में 1996 से 2004 के बीच रक्षा, विदेश और वित्‍त जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजापी ने उन्होंने टिकट नहीं दिया, इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उसी साल उन्‍हें सिर में गंभीर चोटें आई, तब से वह कोमा में थे।

 

2014 में टिकट नहीं मिलने पर छोड़ दी थी पार्टी

जसवंत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार में 1996 से 2004 के बीच रक्षा, विदेश और वित्‍त जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजापी ने उन्होंने टिकट नहीं दिया, इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उसी साल उन्‍हें सिर में गंभीर चोटें आई, तब से वह कोमा में थे। भारतीय सेना में रहे जसवंत सिंह ने बाद में राजनीति का दामन थाम लिया था। बीजेपी की स्‍थापना करने वाले नेताओं में शामिल जसवंत ने राज्‍यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में बीजेपी का प्रतिनिधित्‍व किया। बतौर वित्‍त मंत्री जसवंत सिंह ने स्‍टेट वैल्‍यू ऐडेड टैक्‍स (VAT) की शुरुआत की जिससे राज्‍यों को ज्‍यादा राजस्‍व मिलना शुरू हुआ। उन्‍होंने कस्‍टम ड्यूटी भी घटा दी थी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Former Union Minister Jaswant Singh dies sick for a long time