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अर्थव्यवस्था: आने वाले दिनों में हालात किस कदर खराब हो सकते हैं, सरकार को अहसास नहीं: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति लगातर बिगड़ रही है, मगर सरकार इस पर जरा भी गंभीर नहीं है। आने वाले दिनों में हालात किस हद तक खराब हो सकते हैं, सरकार को इसका अहसास तक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में तत्काल जरूरी कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में देश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा की गई। इस दौरान मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में विकास दर घटकर पांच फीसदी रह गई है। यह 2008 की याद दिलाती है, जब यूपीए सरकार के वक्त अर्थव्यवस्था एकदम घटकर नीचे आ गई थी।

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मनमोहन सिंह ने कहा, पूर्व यूपीए सरकार के वक्त अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट की वजह से यह स्थिति पैदा हुई थी। उस समय सरकार के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति थी, पर हमने चुनौती को अवसर के रूप में लिया। यूपीए ने तत्काल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तरफ कदम बढ़ाए थे। मौजूदा दौर में भी हम कुछ ऐसी ही स्थितियों का सामना कर रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे लोगों को देश की आर्थिक स्थिति के बारे में जागरूक करें। जनता को यह पता होना चाहिए कि सरकार की नीतियों से अर्थव्यवस्था को किस तरह नुकसान पहुंचा है।

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देश में बेरोजगारी बढ़ेगी

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर मौजूदा हालात से समय पर नहीं निपटा गया तो रोजगार के क्षेत्र में स्थिति और खराब हो जाएगी। लोग लगातार बेरोजगार होते जाएंगे और अर्थव्यवस्था के लिए परेशानी बढ़ जाएगी। विकास दर लगातार कई तिमाहियों से कमजोर है। हर क्षेत्र में विकास की दर घट रही है। उन्होंने ऑटो सेक्टर में मंदी का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति में जल्द बदलाव नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर संकट आ सकता है। 

साठ फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर

मनमोहन सिंह ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। साठ फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। इस ओर भी सरकार को ध्यान देना होगा। रियल एस्टेट क्षेत्र की स्थिति पर उन्होंने कहा कि देश के आठ बड़े शहरों में साढ़े  चार लाख से अधिक मकान बनकर तैयार हैं, लेकिन कोई खरीदार नहीं है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में भी लगातार गिरावट आ रही है।

अर्थव्यवस्था में सुधार को ठोस नीति की जरूरत: राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तथ्यों को छिपाने की बजाय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए ठोस नीति बनाए जाने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्विटर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। सरकार को पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है। इस मसले पर जनता को अंधेरे में रखने से कुछ हासिल नहीं होगा। देश का युवावर्ग सजग है और उससे सच्चाई छिप नहीं सकती है। अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा मे जल्द कदम उठाए जाने की जरूरत है। 

प्रियंका ने भी साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मौजूदा स्थिति से निपटने की बजाय आधारहीन तर्क दिए जा रहे हैं। प्रियंका गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, लोकसभा चुनाव से  पहले कहा गया कि ओला-उबर ने रोजगार बढ़ाए। अब कहा जा रहा है कि ओला-उबर की वजह से ऑटो सेक्टर में मंदी आ गई है। केंद्र सरकार अर्थव्यव्स्था के मामले में इतनी भ्रमित क्यों है?

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  • Web Title:former prime minister manmohan singh on economy