महिला की मौत की जांच को अर्जुन मुंडा ने सीएम को लिखा पत्र
खूंटी के बिरसा अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही से आदिवासी महिला बुधन पूर्ति की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दृष्टिगोचर किया।

खूंटी, संवाददाता। खूंटी के जियारप्पा स्थित बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर (बिरसा अस्पताल) में कथित चिकित्सीय लापरवाही से बगड़ू गांव की आदिवासी महिला बुधन पूर्ति की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।
पूर्व मुख्य मंत्री का पत्र
उन्होंने पत्र में कहा कि यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही और आदिवासी समाज के प्रति संवैधानिक दायित्वों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यदि उपचार के दौरान गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाने से महिला की मौत हुई है, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर चूक है, जिससे विशेषकर आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा कमजोर होगा।
संस्थागत सुधार की मांग
अर्जुन मुंडा ने पत्र में अक्टूबर 2025 में चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित पांच जनजातीय बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था में संस्थागत सुधार और प्रभावी निगरानी तंत्र की आवश्यकता को दर्शाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई, अस्पतालों की जवाबदेही तय करने, आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।


