छत्तीसगढ़ में अदाणी की दो खनन परियोजनाओं को शुरुआती मंजूरी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दो कोयला खनन परियोजनाओं के लिए लगभग 1,000 हेक्टेयर वन भूमि की मंजूरी दी गई है। इनमें से एक परियोजना एसईसीएल और दूसरी अदाणी समूह की कंपनी से जुड़ी है। एफएसी ने पहले चरण की मंजूरी दी है, जिसमें 52,000 पेड़ों की कटाई शामिल है।

नई दिल्ली, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में करीब 1,000 हेक्टेयर वन भूमि को दो अलग-अलग कोयला खनन परियोजनाओं के लिए रास्ता साफ हो गया है। पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (एफएसी) ने दोनों परियोजनाओं के लिए सैद्धांतिक रूप से प्रथम चरण की मंजूरी देने की सिफारिश की है। पहली परियोजना सरकारी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की पेलमा ओपनकास्ट खदान से जुड़ी है। इसके लिए 360 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। एसईसीएल ने 2023 में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी पेलमा कोलियरीज के साथ खदान के संचालन के लिए समझौता किया था। दूसरी परियोजना अदाणी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के पुरुंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक से संबंधित है। इसके लिए 620 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। एफएसी ने सात जुलाई की बैठक में दोनों परियोजनाओं के लिए वन भूमि के इस्तेमाल को चरण-1 की सैद्धांतिक मंजूरी देने की सिफारिश की। इस मंजूरी में प्रतिपूरक वनीकरण समेत कई शर्तें शामिल हैं। इन शर्तों को पूरा करने के बाद ही वन भूमि के अंतिम हस्तांतरण की चरण-2 मंजूरी दी जाएगी。
52 हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे
एफएसी की बैठक के विवरण के अनुसार रायगढ़ के तमनार तहसील में पेलमा खदान के लिए 52,000 से अधिक पेड़ों की कटाई होगी। यह परियोजना उच्च संरक्षण मूल्य (एचसीवी) वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां घने जंगल हैं। खनन स्थल के पास केलो नदी भी बहती है।
सोच-समझकर पूछे गए प्रश्न
इस खबर पर आपकी क्या राय है?


