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11 अप्रैल, 2021|4:57|IST

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 75 मिनट की फोन कॉल पर चीन को दिया सख्त संदेश, एक साथ नहीं चलेंगे सीमा विवाद और बात

india-china standoff

पैंगोंग लेक पर शांति बहाली के बाद अन्य मोर्चों पर तनाव कम करने के लिए चीन और भारत के बीच बातचीत जारी है। गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से 75 मिनट यानी सवा घंटे तक विस्तार से फोन पर बात की। इस दौरान एस. जयशंकर ने भारत की ओर से चीन को संदेश देते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए यह जरूरी है कि सीमा पर शांति और स्थिरता के हालात बने रहें। इसके अलावा एस. जयशंकर ने चीनी समकक्ष से यह साफ किया कि हालात सामन्य बने रहने के लिए यह जरूरी है कि पूरी एलएसी सीमा पर सेनाओं की तैनाती कम रहे।

एस. जयशंकर ने वांग यी से पैंगोंग लेक के अलावा अन्य मोर्चों पर भी सेना की तैनाती कम किए जाने को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सभी मोर्चों पर सेना की तैनाती कम हो यह जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो यह किसी के भी हित में नहीं होगा। विदेश मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री ने संदेश दिया, 'सीमा पर विवाद और सामान्य रिश्ते एक साथ नहीं चल सकते, जैसा चीन चाहता है।' अधिकारी ने कहा कि बातचीत के दौरान चीन ने यह भी बताया कि क्यों उसने बीते साल मई में पैंगोंग लेक में अतिक्रमण किया था और 10 महीने बाद क्यों पीछे हटने पर राजी हुआ। 

अधिकारी ने कहा कि बातचीत में जयशंकर ने बताया कि संबंधों को बेहतर करने के लिए किन बाधाओं को दूर करने जरूरत है। विदेश मंत्री ने चीन से स्पष्ट किया कि सीमा पर उसके एकतरफा अतिक्रमण के चलते संबंध खराब हुए हैं। सीमा पर स्थिति बदलने की कोशिशों ने रिश्तों को प्रभावित किया है। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से दोनों देशों के मंत्रियों के बीच हुई वार्ता की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद भारत ने यह बयान जारी किया है। बता दें कि पैंगोंग लेक में भारत और चीन ने अपनी सेनाओं की तैनाती कम की है। इसके अलावा चीन ने मोर्चे पर तैनात हथियारों और वाहनों के बेड़े को कभी कम किया है। 

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  • Web Title:foreign minister s jaishankar gives hard message to china says talk and border dispute cant happen